माँ जगदंबा का नाम दुर्गा क्यों पड़ा? दुर्गा माता की कहानी
माँ जगदंबा का नाम दुर्गा क्यों पड़ा?दुर्गा माता की कहानी। जानिए दुर्गमासुर वध की पौराणिक कथा आदिशक्ति माता भगवती के सहस्त्रों नाम हैं, लेकिन संसार में उनका सबसे…
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और पढ़ेंभगवान कृष्ण (विट्ठल) जिनके लिए चलाते थे चक्की: भक्त शिरोमणि संत जनाबाई की कथा जब-जब भगवान के परम भक्तों का नाम लिया जाएगा, तब-तब भक्त शिरोमणि माता जनाबाई…
और पढ़ेंभगवान जगन्नाथ को खिचड़ी का प्रसाद क्यों चढ़ता है? जगन्नाथ मंदिर में खिचड़ी की कहानी क्या है? ठाकुर जी को खिचड़ी का भोग क्यों लगने लगा? जगन्नाथ जी…
और पढ़ेंभगवान जगन्नाथ के हाथ पांव क्यों नहीं हैं? जगन्नाथ जी की अधूरी प्रतिमा का रहस्य. श्री जगन्नाथ जी कथा का चौथा और आखिरी भाग जानिए भगवान जगन्नाथ के…
और पढ़ेंजगन्नाथ रथयात्रा कथा भाग तीनः भगवान जगन्नाथ की मूर्ति कैसे बनती है पढ़िए भगवान जगन्नाथ रथयात्रा कथा का तीसरा भाग, जिसमें विद्यापति, विश्वावसु, नीलमाधव और राजा इंद्रद्युम्न…
और पढ़ेंभगवान जगन्नाथ की पौराणिक कथा भाग 2ः नीलमाधव की खोज भगवान जगन्नाथ की कथा के पहले भाग में आपने पढ़ा कि क्यों रुक्मिणी आदि पटरानियों को राधा जी…
और पढ़ेंभगवान जगन्नाथ प्रतिमा के हाथ-पांव क्यों नहीं बनाए जाते? श्रीक्षेत्र इतना पावन क्यों कहा गया? मंदिर से जुड़ी इतनी विचित्रताएं क्यों हैं? कौन बनते हैं यहां के पुजारी?…
और पढ़ेंभगवान जगन्नाथ के प्रिय भक्त सदना कसाई की कथा एक भक्त की लालसा होती है कि भगवान प्रसन्न होकर दर्शन दें। वह भेंट अर्पित करता है, भंडारे कराता…
और पढ़ेंश्री दुर्गा सप्तशती पाठ की विधिः लघु पाठ, वाकार विधि और सरल विकल्प नवरात्रि में माता का हर भक्त श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करने की लालसा…
और पढ़ेंअयोध्या और राजा दशरथ की चिंता कौशल प्रदेश, जिसकी स्थापना स्वयं आदिपुरुष मनु ने की थी, पवित्र सरयू नदी के पावन तट पर बसा हुआ एक अत्यंत समृद्ध…
और पढ़ेंरामायण एक संस्कृत महाकाव्य है जिसकी रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी। हिंदू धर्म में रामायण का एक महत्वपूर्ण स्थान है जिसमें हम सबको रिश्तो के कर्तव्यों को…
और पढ़ें।।प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग।। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश दिया है, यह अध्याय उसकी प्रस्तावना…
और पढ़ेंदूसरा अध्यायः सांख्य योग पहले अध्याय में दोनों सेनाओं की स्थिति, महारथियों का परिचय, शंखध्वनि के बाद श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन के रथ को दोनों सेनाओं के बीच खड़ा…
और पढ़ेंतीसरा अध्याय – कर्म योग (कर्म-योग और ज्ञान-योग का भेद) दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने श्लोक 11 से श्लोक 30 तक आत्मतत्त्व समझाकर सांख्ययोग का प्रतिपादन किया।…
और पढ़ेंचौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म-अकर्म और विकर्म का निरुपण) तीसरे अध्याय के श्लोक 4 से 21 तक में भगवान ने कई प्रकार के नियत कर्मों…
और पढ़ेंपाँचवां अध्यायः कर्म संन्यास योग (सांख्य-योग और कर्म-योग के भेद) अर्जुन उवाच संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि । यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम् ॥ (१) भावार्थ :…
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