May 9, 2026

नवदुर्गा प्रार्थना मंत्र

नवदुर्गा प्रार्थना मंत्र प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:। उक्तान्येतानि नामानि…

दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम् माला

देवी दुर्गा के ये बत्तीस अत्यंत प्रिय नाम कहे गए हैं जिनका पाठ बहुत शुभकारी माना जाता है. ॥दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला॥ दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी। दुर्गमच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी॥ दुर्गतोद्धारिणी दुर्गनिहन्त्री दुर्गमापहा। दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला॥…

महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्

श्री महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् (अयिगिरि नंदिनि) अयि गिरिनंदिनि नंदितमेदिनि विश्वविनोदिनि नंदिनुते गिरिवरविंध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । भगवति हे शितिकंठकुटुंबिनि भूरिकुटुंबिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ 1 ॥ सुरवरवर्षिणि…

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शत नाम स्तोत्रम् दुर्गा शिवा महालक्ष्मी-र्महागौरी च चंडिका । सर्वज्ञा सर्वलोकेशी सर्वकर्मफलप्रदा ॥ 1 ॥ सर्वतीर्थमयी पुण्या देवयोनि-रयोनिजा । भूमिजा निर्गुणाऽऽधारशक्ति श्चानीश्वरी तथा ॥ 2 ॥ निर्गुणा…

श्री काली चालीसा

श्री काली चालीसा दोहा जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका , देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुंडमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी…

अपराध क्षमापण स्तोत्रम्

अपराध क्षमापण स्तोत्रम् अपराधसहस्राणि क्रियंतेऽहर्निशं मया । दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि ॥ 1 ॥ आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् । पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि ॥ 2…

शंकराचार्य विरचित देव्यपराध क्षमापण स्तोत्रम्

देव्यपराध क्षमापण स्तोत्रम् न मंत्रं नो यंत्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः । न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं परं…

सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम्

सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् देवी दुर्गा का अत्यंत प्रभावशाली मंत्र हैं. इसे मंत्रों का पावरहाउस यानी ऊर्जा का केंद्र भी कहा जा सकता है. यह बीज मंत्रों और श्लोकों का संगम…

श्रीसप्तश्लोकी दुर्गा

।।अथ श्रीसप्तश्लोकी दुर्गा।।   शिव उवाच : देवि त्वं भक्त सुलभे सर्वकार्य विधायिनी । कलौ हि कार्य सिद्धयर्थम् उपायं ब्रूहि यत्नतः ॥   देव्युवाच : श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्ट…

दुर्गाजी की आरती

माता दुर्गाजी की आरती   जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको॥जय॥…

दुर्गा चालीसा

श्री दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप…