श्री विष्णु सहस्रनाम: संसार के बंधनों से मुक्ति का परम मार्ग
श्री विष्णु सहस्रनाम: संसार के बंधनों से मुक्ति का परम मार्ग महाभारत के युद्ध के बाद, जब धर्मराज युधिष्ठिर का मन संसार की नश्वरता और विनाश को देखकर अत्यंत विचलित…
श्री विष्णु सहस्रनाम: संसार के बंधनों से मुक्ति का परम मार्ग महाभारत के युद्ध के बाद, जब धर्मराज युधिष्ठिर का मन संसार की नश्वरता और विनाश को देखकर अत्यंत विचलित…
॥ श्री मारुति कवचम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय । प्रतापवज्रदेहाय । अञ्जनीगर्भसम्भूताय । प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबन्धनाय । भूतग्रहबन्धनाय । प्रेतग्रहबन्धनाय । पिशाचग्रहबन्धनाय । शाकिनीडाकिनीग्रहबन्धनाय । काकिनीकामिनीग्रहबन्धनाय…
॥ श्री बटुक भैरव स्तोत्रम् ॥ ॥ ध्यानम् ॥ वन्दे बालं स्फटिक-सदृशं कुन्तलोल्लासि-वक्त्रम् । दिव्याकल्पैर्नव-मणिमयैः किंकिणी-नूपुराढ्यम् ॥ दीप्ताकारं विशद-वदनं सुप्रसन्नं त्रि-नेत्रम् । हस्ताब्जाभ्यां बटुकमनिशं शूल-दण्डौ दधानम् ॥ ॥ मूल स्तोत्र…
नवग्रह स्तोत्र महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित नवग्रह स्तोत्र ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करने तथा जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और मानसिक शांति प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र…
॥ श्री लिंगाष्टकम् ॥ ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गं निर्मलभासित शोभित लिङ्गम् । जन्मज दुःख विनाशक लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥१॥ जिनकी पूजा ब्रह्मा, विष्णु और सभी देवता करते हैं, जो निर्मल…
संकट मोचन हनुमानाष्टक श्री हनुमान जी की पूजा-आराधना में संकट मोचन हनुमानाष्टक का नियमित पाठ करने से भक्तों पर आए गंभीर संकटों का भी निवारण हो जाता है। ॥ हनुमानाष्टक…
📿 श्री पंचमुख हनुमत् कवच सुगम पाठ संस्करण श्री गरुड उवाच अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि श्रृणु-सर्वांग-सुन्दरि । यत् कृतं देव-देवेन ध्यानं हनुमतः प्रियम् ॥1॥ पंचमुख स्वरूप ध्यान पंच-वक्त्रं महा-भीमं त्रि-पंच-नयनैर्-युतम् ।…
नवदुर्गा प्रार्थना मंत्र प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:। उक्तान्येतानि नामानि…
देवी दुर्गा के ये बत्तीस अत्यंत प्रिय नाम कहे गए हैं जिनका पाठ बहुत शुभकारी माना जाता है. ॥दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला॥ दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी। दुर्गमच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी॥ दुर्गतोद्धारिणी दुर्गनिहन्त्री दुर्गमापहा। दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला॥…
श्री महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् (अयिगिरि नंदिनि) अयि गिरिनंदिनि नंदितमेदिनि विश्वविनोदिनि नंदिनुते गिरिवरविंध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । भगवति हे शितिकंठकुटुंबिनि भूरिकुटुंबिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ 1 ॥ सुरवरवर्षिणि…
श्री दुर्गा अष्टोत्तर शत नाम स्तोत्रम् दुर्गा शिवा महालक्ष्मी-र्महागौरी च चंडिका । सर्वज्ञा सर्वलोकेशी सर्वकर्मफलप्रदा ॥ 1 ॥ सर्वतीर्थमयी पुण्या देवयोनि-रयोनिजा । भूमिजा निर्गुणाऽऽधारशक्ति श्चानीश्वरी तथा ॥ 2 ॥ निर्गुणा…
श्री काली चालीसा दोहा जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका , देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुंडमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी…
अपराध क्षमापण स्तोत्रम् अपराधसहस्राणि क्रियंतेऽहर्निशं मया । दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि ॥ 1 ॥ आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् । पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि ॥ 2…
देव्यपराध क्षमापण स्तोत्रम् न मंत्रं नो यंत्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः । न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं परं…
सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् देवी दुर्गा का अत्यंत प्रभावशाली मंत्र हैं. इसे मंत्रों का पावरहाउस यानी ऊर्जा का केंद्र भी कहा जा सकता है. यह बीज मंत्रों और श्लोकों का संगम…
“मयूरेश स्त्रोत” ब्रह्मोवाच पुराणपुरुषं देवं नानाक्रीडाकरं मुदा। मायाविनं दुर्विभाव्यं मयूरेशं नमाम्यहम्॥ परात्परं चिदानन्दं निर्विकारं हृदि स्थितम्। गुणातीतं गुणमयं मयूरेशं नमाम्यहम्॥ सृजन्तं पालयन्तं च संहरन्तं निजेच्छया। सर्वविघन्हरं…
