आदित्य हृदय स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित | Aditya Hriday Stotram in Hindi, लाभ और नियम
आदित्य हृदय स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित: पाठ के लाभ, विधि और नियम आदित्य हृदय स्तोत्रः ऋषि अगस्त्य ने दिया था श्रीराम को यह शक्तिशाली स्तोत्र सनातन धर्म में…
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और पढ़ेंदशरथकृत शनि स्तोत्र नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण् निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ॥1॥ नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च । नमो विशालनेत्रय शुष्कोदर भयाकृते॥2॥…
और पढ़ेंश्रीअष्टलक्ष्मी आराधना स्तोत्रम् आदिलक्ष्मी सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवी चन्द्र सहोदरीहेममये | मुनिगणमंडित मोक्षप्रदायिनी मंजुलभाषिणीवेदनुते || पंकजवासिनी देवसुपुजित सद्रुणवर्षिणी शांतियुते | जय जय हे मधुसुदन कामिनी आदिलक्ष्मी सदापलीमाम ||१||…
और पढ़ेंकनकधारा स्तोत्र अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम। अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।। मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि। माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं…
और पढ़ेंश्री लक्ष्मी चालीसा ।।दोहा।। मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनो कामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे…
और पढ़ेंश्रीश्याम बाबा की आरती ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे| खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे… रत्न जड़ित सिंहासन…
और पढ़ेंजय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, छन में दूर करे॥ \ जय .. जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसै मनका। सुख सम्पत्ति घर आवै,…
और पढ़ेंकुंज बिहारी जी की आरती आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।…
और पढ़ेंश्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं | नव कंजलोचन, कंज-मुख, कर-कंज, पद कंजारुणं || कंन्दर्प अगणित अमित छबि नवनील – नीरद सुन्दरं | पटपीत मानहु…
और पढ़ेंहनुमान जी की आरती दोहा आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।। अनजानी पुत्र…
और पढ़ेंमाता दुर्गाजी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना…
और पढ़ेंश्री दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि…
और पढ़ें।।महामृत्युंजय मंत्र।। त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात॥ अर्थ:हम तीन नेत्र वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी का पोषण करते…
और पढ़ेंशिवजी की आरती स्तुतिः कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं| सदा वसन्तं ह्रदयाविन्दे भंव भवानी सहितं नमामि ॥ जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा| ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अद्धांगी…
और पढ़ें।।श्री शिव चालीसा।। दोहा जय गणेश गिरिजासुवन मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम देउ अभय वरदान॥ चालीसा जय गिरिजापति दीनदयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा…
और पढ़ेंगणपति के बारह चमत्कारिक नाम ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः प्रणम्य शिरसा देवं, गौरी पुत्रं विनायकं। भक्तावासम, स्मरेन्नित्यं, आयुष कामार्थ सिद्धये।। प्रथम वक्रतुन्दम च , एकदंतं , द्वितीयकम्। तृतीयं कृष्णापिन्दाक्षम,…
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