श्रीगणेश जी की आरती
गणेश आरतीः ।।श्लोक।। व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः| निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येरुषु सवर्दा|| जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जा की पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश…
और पढ़ेंगणेश आरतीः ।।श्लोक।। व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः| निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येरुषु सवर्दा|| जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जा की पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश…
और पढ़ेंद्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक इस द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पाठ करता है, उसे साक्षात द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन के समान ही पुण्यलाभ होता है।…
और पढ़ेंआदि एवं अंत से रहित, सर्वेश्वर शिव देवाधिदेव हैं। मानव मात्र ही नहीं वरन देव, दानव, पशु-पक्षी, यहाँ तक की ईश्वर भी संकट के समय में शिव की…
और पढ़ेंरूद्र-सूक्तम् जिस प्रकार सभी पापों का नाश करने में ‘पुरूष-सूक्त’ बेमिसाल है उसी प्रकार सभी दुखों एवं शत्रुओं का नाश करने में ‘रूद्र-सूक्त’ बेमिसाल है। ‘रूद्र-सूक्त’ सभी…
और पढ़ेंश्री शिवाष्टकम् (आदि शंकराचार्य विरचित) शिवाष्टकम् की रचना आदिगुरू शंकराचार्य ने की थी. आठ पदों में विभक्त यह रचना परब्रह्म शिवजी की पूजा का उत्तम साधन है. …
और पढ़ेंशिवभक्त गंधर्व पुष्पदंत ने भूल से शिवजी को अर्पित फूलों औऱ बेलपत्रों पर पांव रख दिया तो उसकी दिव्य शक्तियां समाप्त हो गईं. उसे अपनी गलती का बोध…
और पढ़ेंश्रीकृष्ण के 12 सिद्धिदायक मंत्र मूल मंत्र : कृं कृष्णाय नमः यह भगवान कृष्ण का मूलमंत्र हैं। इस मूल मंत्र के नियमित जाप करने से व्यक्ति…
और पढ़ेंकर दर्शन व सुप्रभात मंत्र यदि दिन की शुरुआत ब्रह्मांड की समस्त अलौकिक और लौकिक शक्तियों की स्तुति और उनके आशीर्वाद के साथ हो तो दिन शुभ होता…
और पढ़ेंसप्तश्लोकी दुर्गा-सात श्लोकों में पूरी दुर्गासप्तशती पाठ का फल । Saptashloki Durga Stotra नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखना और श्रीदुर्गासप्तशती के संपूर्ण 13 अध्यायों के पाठ…
और पढ़ेंविद्यार्थियों और कलाकारों को विशेषरूप से शारदा देवी की आराधना करनी चाहिए. माता सरस्वती की पूजा घर में कर सकते हैं. पूजन यदि किसी वेदपाठी पुरोहित से कराएं…
और पढ़ेंलीलाधार भगवान श्रीकृष्ण के अनंत रूप हैं. इनमें से उनके बारह कल्याणकारी स्वरूपों की सर्वाधिक आराधना होती है. कहते हैं विशेष मनोकामनाएं पूरी करते हैं श्रीकृष्ण के ये…
और पढ़ेंशास्त्रों के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती हर वर्ष दो बार मनाई जाती है. चैत्र मास की शुक्ल पूर्णिमा और कार्तिक कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को. बाल्मीकि रामायण…
और पढ़ेंभगवान श्रीकृष्ण नारायण के पूर्णावतार हैं. मानवदेह धरकर उन्होंने मनुष्यों के सभी सुख-दुख का स्वयं अनुभव किया. मनुष्य की पीड़ा को समझते हैं श्रीकृष्ण. इसलिए समस्त बाधाओं को…
और पढ़ेंहनुमानजी की पूजा, आराधना से जुड़ा एक प्रश्न अक्सर खड़ा होता है. क्या स्त्रियों को हनुमद् आराधना, हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए? सबसे पहले तो यह समझना जरूरी…
और पढ़ेंसंकष्ठि गणेश चतुर्थी संकटों का नाश करने वाली है. जिन लोगों की बुध की दशा अच्छी न चल रही हो उन्हें नौकरी-रोजगार में बहुत परेशानी आती है. गणेशजी…
और पढ़ेंनवरात्रि में माता का हर भक्त श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करने की लालसा रखता है. बहुत से लोग करते भी हैं. कई लोग अज्ञानता में विधियों…
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