श्रीश्याम बाबा की आरती
श्रीश्याम बाबा की आरती ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे| खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे… रत्न जड़ित सिंहासन सिर पर…
श्रीश्याम बाबा की आरती ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे| खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे… रत्न जड़ित सिंहासन सिर पर…
जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, छन में दूर करे॥ \ जय .. जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसै मनका। सुख सम्पत्ति घर आवै, कष्ट मिटै…
कुंज बिहारी जी की आरती आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम…
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं | नव कंजलोचन, कंज-मुख, कर-कंज, पद कंजारुणं || कंन्दर्प अगणित अमित छबि नवनील – नीरद सुन्दरं | पटपीत मानहु तडित रूचि…
हनुमान जी की आरती दोहा आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।। अनजानी पुत्र महाबलदायी। संतान…
माता दुर्गाजी की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको॥जय॥…
श्री दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप…
।।महामृत्युंजय मंत्र।। त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात॥ अर्थ:हम तीन नेत्र वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी का पोषण करते हैं। जिस…
शिवजी की आरती स्तुतिः कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं| सदा वसन्तं ह्रदयाविन्दे भंव भवानी सहितं नमामि ॥ जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा| ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा ॥…
।।श्री शिव चालीसा।। दोहा जय गणेश गिरिजासुवन मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम देउ अभय वरदान॥ चालीसा जय गिरिजापति दीनदयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके।…
गणपति के बारह चमत्कारिक नाम ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः प्रणम्य शिरसा देवं, गौरी पुत्रं विनायकं। भक्तावासम, स्मरेन्नित्यं, आयुष कामार्थ सिद्धये।। प्रथम वक्रतुन्दम च , एकदंतं , द्वितीयकम्। तृतीयं कृष्णापिन्दाक्षम, गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।…
।।श्रीगणपत्यअथर्वशीर्षम् मंत्र।। हरि ओम् नमस्ते गणपतये|| त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि| त्वमेव केवलं कर्ता असि| त्वमेव केवलं धर्ता असि| त्वमेव केवलं हर्ता असि|| त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्म असि| त्वं साक्षात् आत्मा…
।।श्रीगणेश चालीसा।। स्तुतिः गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विध्न टरें। तीन लोक तैंतीस देवता द्वार खड़े सब अर्ज करे ॥ दोहाः जय गणपति सद्गुणसदन कविवर बदन कृपाल।…
गणेश आरतीः ।।श्लोक।। व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः| निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येरुषु सवर्दा|| जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जा की पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश देवा… एकदन्त…
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक इस द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पाठ करता है, उसे साक्षात द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन के समान ही पुण्यलाभ होता है। …
आदि एवं अंत से रहित, सर्वेश्वर शिव देवाधिदेव हैं। मानव मात्र ही नहीं वरन देव, दानव, पशु-पक्षी, यहाँ तक की ईश्वर भी संकट के समय में शिव की ही शरण…
