दुर्गा सप्तशती पाठ के समान फलदायी है सिद्ध कुंजिका स्तोत्रः जानें जप विधि
नवरात्रों में सप्तशती के पाठ का विशेष रूप से विधान कहा गया है किंतु 700 श्लोकों का पाठ सभी नहीं कर पाते, खासतौर से कामकाजी लोग जिन्हें नौकरी आदि पर…
नवरात्रों में सप्तशती के पाठ का विशेष रूप से विधान कहा गया है किंतु 700 श्लोकों का पाठ सभी नहीं कर पाते, खासतौर से कामकाजी लोग जिन्हें नौकरी आदि पर…
यदि शत्रु अकारण ही बहुत परेशान कर रहा हो तो हनुमानजी की शरण में जाकर, पूरे श्रद्धाभाव से शत्रुंज्य स्तोत्र के पाठ का विधान कहा गया है. इसे लांगूलास्त्र शत्रुंजय…
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र दरिद्रता मिटाने वाला शिवजी का स्तोत्र है. जो व्यक्ति घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हों, कर्ज में डूबे हों, व्यापार-व्यवसाय की पूँजी बार-बार फंस जाती…
अत्रि मुनि द्वारा रचित श्रीराम-स्तुति रामायण के अरण्यकाण्ड से नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥ भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां स्वधामदं ॥निकाम श्याम सुंदरं । भवाम्बुनाथ मंदरं ॥ प्रफुल्ल कंज…
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्स॑वि॒तुर्वरे॑ण्यं॒ भर्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि। धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥ भावार्थ उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अन्तरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा…
सरस्वती वंदना या कुन्देन्दुतुषाहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाद्यपहा॥ या कुन्देन्दुतुषाराहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरादण्डमन्दितकारा या श्वेतपद्मासना।…
सरस्वती माता की आरती जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता । सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी । सोहे शुभ…
।।अथ श्रीसप्तश्लोकी दुर्गा।। शिव उवाच : देवि त्वं भक्त सुलभे सर्वकार्य विधायिनी । कलौ हि कार्य सिद्धयर्थम् उपायं ब्रूहि यत्नतः ॥ देव्युवाच : श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्ट…
॥दोहा॥ श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।।…
भगवान सूर्य नेत्रों के रोग भी दूर करते हैं. प्रात:काल में सूर्य देव को जल अर्पण करके ऋग्वेद में वर्णित चक्षु उपनिषद का नित्य पाठ करने से साधक के नेत्र…
आदित्य हृदय स्तोत्र राम-रावण युद्ध जब निर्णायक मोड़ पर था. मायावी शक्तियों का प्रयोगकर रावण, वानर सेना को डराकर उसका मनोबल तोड़ने लगा. भगवान श्रीराम इससे चिंतित थे. देवताओं…
दशरथकृत शनि स्तोत्र नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण् निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ॥1॥ नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च । नमो विशालनेत्रय शुष्कोदर भयाकृते॥2॥ नम:…
श्रीअष्टलक्ष्मी आराधना स्तोत्रम् आदिलक्ष्मी सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवी चन्द्र सहोदरीहेममये | मुनिगणमंडित मोक्षप्रदायिनी मंजुलभाषिणीवेदनुते || पंकजवासिनी देवसुपुजित सद्रुणवर्षिणी शांतियुते | जय जय हे मधुसुदन कामिनी आदिलक्ष्मी सदापलीमाम ||१|| धान्यलक्ष्मी…
कनकधारा स्तोत्र अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम। अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।। मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि। माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं दिशतु सागर…
श्री लक्ष्मी चालीसा ।।दोहा।। मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनो कामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर…
श्रीश्याम बाबा की आरती ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे| खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे… रत्न जड़ित सिंहासन सिर पर…
