धर्म कथाएं

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भगवान जगन्नाथ की मूर्ति कैसे बनती है? जगन्नाथ रथयात्रा कथा भाग तीन

जगन्नाथ रथयात्रा कथा भाग तीनः भगवान जगन्नाथ की मूर्ति कैसे बनती है   पढ़िए भगवान जगन्नाथ रथयात्रा कथा का तीसरा भाग, जिसमें विद्यापति, विश्वावसु, नीलमाधव और राजा इंद्रद्युम्न…

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भगवान जगन्नाथ की पौराणिक कथा भाग 2ः नीलमाधव की खोज

भगवान जगन्नाथ की पौराणिक कथा भाग 2ः नीलमाधव की खोज भगवान जगन्नाथ की कथा के पहले भाग में आपने पढ़ा कि क्यों रुक्मिणी आदि पटरानियों को राधा जी…

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भगवान जगन्नाथ की पौराणिक कथाः पुरी मंदिर के अद्भुत रहस्य

भगवान जगन्नाथ प्रतिमा के हाथ-पांव क्यों नहीं बनाए जाते? श्रीक्षेत्र इतना पावन क्यों कहा गया? मंदिर से जुड़ी इतनी विचित्रताएं क्यों हैं? कौन बनते हैं यहां के पुजारी?…

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भगत के वश में हैं भगवान-सदना जी की विभोर करने वाली कथा

भगवान जगन्नाथ के प्रिय भक्त सदना कसाई की कथा एक भक्त की लालसा होती है कि भगवान प्रसन्न होकर दर्शन दें। वह भेंट अर्पित करता है, भंडारे कराता…

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श्री दुर्गा सप्तशती पाठ की विधिः संपूर्ण और शॉर्टकट दोनों

श्री दुर्गा सप्तशती पाठ की विधिः लघु पाठ, वाकार विधि और सरल विकल्प नवरात्रि में माता का हर भक्त श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करने की लालसा…

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वाल्मीकि रामायण

रामायण एक संस्कृत महाकाव्य है जिसकी रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी। हिंदू धर्म में रामायण का एक महत्वपूर्ण स्थान है जिसमें हम सबको रिश्तो के कर्तव्यों को…

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श्रीमद्भगवद्गीता प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग

।।प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग।। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश दिया है, यह अध्याय उसकी प्रस्तावना…

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श्रीमद्भगवद्गीता दूसरा अध्यायः सांख्य योग

दूसरा अध्यायः सांख्य योग पहले अध्याय में दोनों सेनाओं की स्थिति, महारथियों का परिचय, शंखध्वनि के बाद श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन के रथ को दोनों सेनाओं के बीच खड़ा…

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श्रीमद्भगवद्गीता तीसरा अध्यायः कर्म योग

तीसरा अध्याय – कर्म योग (कर्म-योग और ज्ञान-योग का भेद) दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने श्लोक 11 से श्लोक 30 तक आत्मतत्त्व समझाकर सांख्ययोग का प्रतिपादन किया।…

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श्रीमद्भगवद्गीता चौथा अध्यायः ज्ञान कर्म संन्यास योग

चौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म-अकर्म और विकर्म का निरुपण) तीसरे अध्याय के श्लोक 4 से 21 तक में भगवान ने कई प्रकार के नियत कर्मों…

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श्रीमद्भगवद्गीताः पाँचवा अध्याय कर्म संन्यास योग

श्रीमद्भगवद्गीता पाँचवा अध्यायः कर्म संन्यास योग श्रीमद्भगवद्गीता पाँचवा अध्याय कर्म संन्यास योग का आरंभः (सांख्य-योग और कर्म-योग के भेद) अर्जुन उवाच संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि ।…

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श्रीमद्भगवद्गीता छठा अध्यायः आत्म संयम योग

श्रीमद्भगवद्गीता छठा अध्याय आत्म संयम योग श्रीमद्भगवद्गीता का छठा अध्याय आत्म संयम योग कहलाता है योग में स्थित मनुष्य के लक्षणः श्रीभगवानुवाच अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः…

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श्रीमद्भगवद्गीता सातवां अध्यायः ज्ञान विज्ञान योग

श्रीमद्भगवद्गीता सातवां अध्यायः ज्ञान विज्ञान योग श्रीमद्भगवद्गीता का सातवां अध्यायः ज्ञान विज्ञान योग गीता का सातवां अध्याय ज्ञान विज्ञानं योग कहलाता है। (विज्ञान सहित तत्व-ज्ञान) श्रीभगवानुवाचः मय्यासक्तमनाः पार्थ…

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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय आठः अक्षर ब्रह्मं योग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय आठः अक्षर ब्रह्मं योग श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय आठः अक्षर ब्रह्मं योग श्रीमद्भगवद्गीता के आठवें अध्याय को अक्षर ब्रह्म योग कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान ने…

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श्रीमद्भगवद्गीता नवां अध्यायः राजविद्या राजगुह्य योग

श्रीमद्भगवद्गीता नवां अध्यायः राजविद्या राजगुह्य योग श्रीमद्भगवद्गीता नवां अध्यायः राजविद्या गुह्य योग श्रीमद्भगवद्गीता का नवां अध्याय राजविद्या राजगुह्य योग कहलाता है। इस अध्याय में भगवान ने अर्जुन को सृष्टि…

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