धर्म कथाएं

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कार्तिक स्नान, व्रत आदि के प्रभाव से विधवा गुणवती अगले जन्म में हुई श्रीकृष्ण की पत्नीः कार्तिक महात्म्य दूसरा अध्याय

अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके…

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अक्षय पुण्यदायी है कार्तिक स्नान और महात्म्य कथा का श्रवण- कार्तिक महात्म्य प्रथम अध्याय

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वरदान जिससे द्रोपदी पांच पतियों से ब्याहकर भी अनुसूया और सावित्री जैसी देवियों में गिनी जाती हैं

अनुसूया (Anusuya) , सुलक्षणा (Sulakshna) , सावित्री (Savitri) , मंदोदरी (Mandodari)  के साथ द्रोपदी (Draupadi) की गिनती पांच महान पतिव्रता और पूजनीया नारियों में होती है.  जिसके पांच…

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ऐसे पुण्य हों तो भगवान भी सहर्ष छूते हैं पांव

योगीराज भगवान श्रीकृष्ण विश्वगुरू हैं. त्रिलोक को ज्ञान प्रदान करते हैं पर संसार में आने पर लोकाचार में उन्हें भी अपना गुरू बनाना ही था. सांदीपनि ऋषि को यह…

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श्री दुर्गा सप्तशती पाठ का महत्त्वः इसका पाठ क्यों करना चाहिए

श्री दुर्गा सप्तशती का महत्त्व: व्याधकर्मा की कहानी और पापों का नाश एक बार ऋषियों का समूह सूत जी के समीप पहुंचा और सबने मिलकर आग्रह किया— “महाराज!…

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नवरात्रि व्रत कथा: श्री राम ने क्यों रखा था नवरात्र व्रत

नवरात्रि का व्रत भगवान श्रीराम ने भी रखा था. नवरात्रि व्रत है ही इतना मंगलकारी. कहते हैं सच्ची श्रद्धा के साथ रखा गया नवरात्रि का व्रत सभी अमंगलों…

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देवताओं द्वारा देवी की स्तुति, चं‡ड-मुं‡ड के मुख से अम्बिका के रूप की प्रशंसा सुनकर शुम्भ का उनके पास दूत भेजना और दूत का निराश लौटनाः पांचवां अध्याय

ऊं नमश्चंडिकायैः नमः महर्षि मेधा कहते हैं- पूर्वकाल में शुम्भ और निशुम्भ नामक असुरों ने अपने बल के घमंड में आकर शचीपति इं‹द्र के हाथ से तीनों लोकों…

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जगदंबा द्वारा महिषासुर के वध से प्रसन्न इ‹द्रांदि देवताओं ने की देवी की स्तुतिः दुर्गासप्तशती चौथा अध्याय

चौथा अध्याय ऊँ नमश्चंडिकायैः नमः महर्षि मेधा बोले- देवी ने जब पराक्रमी दुरात्मा महिषासुर को मार गिराया और सारी असुरा सेना का अंत कर दिया तो इंद्रांदि सभी…

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महिषासुर के साथ देवी दुर्गा का भीषण संग्राम और महिषासुर का वधः दुर्गा सप्तशती में तृतीय अध्याय

तीसरा अŠध्याय श्रीचंडिका देवी को नमस्कार है! ऋषि कहते हैं—- दैत्यों की सेना को इस प्रकार तहस-नहस होते देख महादैˆय सेनापति चिक्षुर क्रोध में भरकर अम्बिका देवीसे युद्ध…

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देवताओं के तेज से देवी दुर्गा का प्रादुर्भाव और महिषासुर की सेना का वधः श्रीदुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय

ऊँ नमश्चंडिकायैः नमः मार्केंडेय ऋषि कहते हैं—- पूर्वकाल में देवताओं और असुरों में सौ वर्षों तक घोर संग्राम हुआ था. उसमें असुरोंका स्वामी महिषासुर था और देवताओंके नायक…

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नवरात्रि हवनः घर में भी और खुद कर सकते हैं

हवन कराने के लिए योग्य पंडित नहीं मिल रहे!  घबराएं नहीं. आपको नवरात्रि हवन की सरल विधि बताते हैं. आप स्वयं कर सकते हैं घर में नवरात्रि हवन.…

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नवरात्र व्रत के एक दिन का पुण्यफल इतना! नवरात्र व्रत का अद्भुत माहात्म्य.

पौराणिक कथाएँ, व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र, गीता ज्ञान-अमृत, श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ने के हमारा लोकप्रिय ऐप्प “प्रभु शरणम् मोबाइल…

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श्रीदुर्गा सप्तशती भाषा प्रथम अध्याय में मधु-कैटम की उत्पत्ति और वध की कथा

ऊं नमश्चण्डिकायै नमः मेधा ऋषि का राजा सुरथ और समाधि को भगवती की महिमा बताते हुए मधु-कैटभ वध का प्रसंग सुनाना मार्क‡डेयजी बोले—- सूर्य के पु˜त्र सावर्णि जो…

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रावण के पक्ष से युद्ध करने आ गईं जगदंबाः श्रीराम का संकट

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कुँआरी क्यों हैं माता वैष्णो देवी?

माता के अधिकांश स्वरूप सुहागिन की तरह पूजे जाते हैं फिर माता वैष्णो देवी कुमारी कन्यारूप में क्यों पूजी जाती हैं? पढ़ें और फेसबुक की पोस्ट शेयर जरूर…

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हवन में मंत्र के अंत में स्वाहा का उच्चारण क्यों होता है?

आपने हवन किए होंगे. हर देवता के निमित्त हविष डालने के लिए आपके उनके मंत्र का उच्चारण करते हैं. हर मंत्र के आखिर में जोड़ते हैं स्वाहा. कई…

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