कामदेव की राख से गणेश ने रचा भंड़ासुरः मां त्रिपुर सुंदरी अवतरण कथा
शिवजी ने कामदेव को भस्म किया और उसकी राख से गणेश जी ने कैसे बना दिया भंडासुर. शिवभक्त भंडासुर कैसे देवताओं को शत्रु हो गया. भंडासुर का अंत…
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और पढ़ेंगणेश जी ने ब्रह्मचारी रहने का संकल्प लिया था. दैवयोग से संयोग ऐसे बने कि उनका ब्रह्मचारी रहने का संकल्प तो टूटा ही दो विवाह हो गए. गणेश जी…
और पढ़ेंगणेश जी का वाहन चूहा क्यों बना यह एक रहस्य है जो अक्सर मन में आता है. गणेश जी तो लंबोदर हैं, भारी-भरकम शरीर वाले. एक छोटा सा…
और पढ़ेंकुल के प्राणी का प्रेत हो जाना एक बड़ी बाधा भी है और कुयोग भी. यदि पितर प्रेत हो जाएं तो वह परिवार कभी फलता-फूलता नहीं. जब तक…
और पढ़ेंक्या शिव-पार्वती ने भी की थी गणेश पूजा? शिव-पार्वती को क्यों करनी पड़ी गणेश पूजा? शिव-पार्वती गणेशजी की पूजा करें! आश्चर्य में न हों. गणेश पूजा की ये…
और पढ़ेंदेवी गंगा के गर्भ से जन्म लेकर शापमुक्त हुए थे वसु. देवी गंगा ने शांतनु से जन्मे अपने सात पुत्रों को क्यों पानी में बहा दिया था? क्यों…
और पढ़ेंदेवलोक की कन्या मां गंगा को एक शाप के कारण जन्मने पड़े बच्चे. किसने दिया था मां गंगा को गर्भवती होने का शाप? क्यों मां गंगा को अपने…
और पढ़ेंश्राद्ध ग्रहण करने पितृलोक से पितर आते हैं? पितृलोक और पूर्वजों पितरों के बारे में सबसे अधिक चर्चा गरूड पुराण में की गई है. आज हम गरूड़ पुराण…
और पढ़ेंसभी मृत आत्माओं का श्राद्ध आवश्यक है. श्राद्ध के बाद पितरों के निमित्त तर्पण भी आवश्यक है. इसे नियम से करना चाहिए. मास की अमावस्या तो पितरों के लिए…
और पढ़ेंभागवत में शुकदेवजी ने राधा जी का नाम नहीं लिया है पर क्या भागवत में सचमुच राधाजी नहीं हैं! एक संत राधाजी का नाम भागवत में नहीं होने…
और पढ़ेंराधाजी और श्रीकृष्ण का प्रेम अलौकिक था. Radha Krishna के प्रेम को सांसारिक दृष्टि से देखेंगे तो समझ ही नहीं पाएंगे. इसे समझने को तो पहले आपको राधा और…
और पढ़ेंगणेश चतुर्थी को गणपति स्थापना के साथ दस दिनों का विशेष पूजा-अनुष्ठान आरंभ होता है. हमने आपको गणपति प्रतिमा स्थापना की सारी बातें बताईं. गणपति की पूजा में…
और पढ़ेंलीलाधार भगवान श्रीकृष्ण के अनंत रूप हैं. इनमें से उनके बारह कल्याणकारी स्वरूपों की सर्वाधिक आराधना होती है. कहते हैं विशेष मनोकामनाएं पूरी करते हैं श्रीकृष्ण के ये…
और पढ़ेंकलंक चतुर्थी को चंद्रदर्शन के कारण श्रीकृष्ण पर लगा था स्यमंतक मणि की चोरी का आरोप. स्यमंतक मणि की चोरी और दोषमुक्ति की यह कथा सुनने से कलंक…
और पढ़ेंभाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी कहा जाता है. कलंक चतुर्थी को चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए अन्यथा चोरी का झूठा कलंक लगता…
और पढ़ेंरुद्राक्ष शिव का अंश है, शिवस्वरूप है. भगवान रूद्र के नेत्रजल से प्रकट होने के कारण इसे सूक्ष्मरूप में साक्षात शिव ही मानना चाहिए. पंचमुखी रुद्राक्ष इतनी संख्या में पृथ्वीपर क्यों…
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