धर्म कथाएं

विक्रम-वेताल(किंकर) कथाः स्त्री-पुरुष दोनों के पाप में किसका पाप भारी और क्यों, विक्रमादित्य का निर्णय. अंतिम भाग

आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए…

और पढ़ें

श्रीरामचरितमानस-बालकांडः समरथ कहुँ नहिं दोषु गोसाईं, रबि पावक सुरसरि की नाईं

लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें। आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत…

और पढ़ें

धर्मात्मा ऋतुध्वज के प्रेम से अभिभूत नागराज ने मृत रानी को दिया पुनर्जन्मः ऋतुध्वज और मदालसा के प्रेम की पौराणिक कथा

आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए…

और पढ़ें

विक्रम-वेताल(किंकर) कथाः स्त्री-पुरुष दोनों के पाप में किसका पाप भारी, विक्रमादित्य का निर्णय? भाग-1

आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए…

और पढ़ें

पांच प्रेतों के चंगुल में पड़े भक्त की रक्षा को तत्काल पहुंचे श्रीकृष्ण. कौन है ये पांच प्रेत- अंतिम भाग

आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए…

और पढ़ें

विक्रम-वेताल(किंकर) कथाः पति, पत्नी और मित्र तीनों मरे तत्काल पर किसका प्रेम सबसे बड़ा, किंकर का सवाल

एक नगरी थी. उसका नाम था विशाला. विशाला नगरी का राजा था पदमनाभ. पद्मनाभ चंड़ी देवी का बड़ा भक्त था. कहते हैं कि इस नगरी को मां चंड़ी…

और पढ़ें

द्रोपदी की जिद पर महादेव ने द्रोपदी को दिया था पांच पतियों का आशीर्वाद, रुद्र के शाप से पांच इंद्र बने थे पांडव

कुरूवंश के सहयोग से द्रोणाचार्य ने द्रुपद को पराजित कर उनका आधार राज्य ले लिया था. द्रुपद ने इस अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए यज्ञ से द्रौपदी…

और पढ़ें

विक्रम बेताल(किंकर) कथाः राजकुमारी का षड़यंत्र असफल, राजकुमार ने सिद्ध किया मनोरथ. परंतु पाप का भागी कौन? अंतिम भाग

डाकिनी राजकुमारी कथा अंतिम भाग राजकुमार को व्याकुल देख दीवान का बेटा बोला- आप राजकुमारी के लिए व्याकुल हैं. वह मुझे रास्ते का कांटा समझती है. ऐसा उपाय…

और पढ़ें

विक्रम बेताल(किंकर) कथाः राजकुमार ने दासी से भेजा पद्मावती को संदेश, दासी को थप्पड मार दिया राजकुमारी ने गुप्त संकेत- भाग2

डाकिनी राजकुमारी कथा के पहले भाग में पढ़ा कि राजकुमारी ने संकेतों में अपना पता बताया जिसे राजकुमार के मित्र ने समझा और दोनों राजकुमारी से मिलने पहुंचे.…

और पढ़ें

विक्रम-बेताल(किंकर)संवादः डाकिनी ने राजकुमार को भेजा रहस्यमय प्रेम संदेश, मंत्रीपुत्र ने समझ लिए संकेत

किंकर कथा- डाकिनी राजकुमारी पहला भाग काशी में प्रतापमुकुट नामक एक राजा था. उसका बेटा वज्रमुकुट बहुत सजीला नौजवान था. एक दिन राजकुमार वज्रमुकुट दीवान के लड़के को…

और पढ़ें

सत्संग का फल जानने को नारद परेशान, श्रीहरि ने किया सुंदर निदान

एक बार देवर्षि नारद भगवान विष्णु के पास गए और प्रणाम करके निवेदन किया- हे लक्ष्मीपते, हे कमलनयन प्रभु! कृपा करके इस दास को सत्संग की महिमा सुनाइए.…

और पढ़ें

कुमार कार्तिकेय ने तोड़ दी गणेशजी की दांतः महादेव ने समुद्र में फेक दिया कार्तिकेय का रचा लक्षण शास्त्र

पौराणिक कथाएँ, व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र, गीता ज्ञान-अमृत, श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ने के हमारा लोकप्रिय ऐप्प “प्रभु शरणम् मोबाइल…

और पढ़ें

ये हैं अंजाने में हुए पापो के फल भोगने से बचने का मार्ग

प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से save कर लें। फिर SEND लिखकर…

और पढ़ें

भागवत कथाः श्रीकृष्ण द्वारा पिता नंदबाबा को वरूण लोक से मुक्त कराना

कन्हैया के साथ तरह-तरह के अपशकुन हो रहे थे लेकिन कन्हैया बार-बार दुष्टों को दंड देकर आ जाते. नंदबाबा का हृदय तो पिता का था. उन्हें लगा कि…

और पढ़ें

विक्रम वेताल संवादः राजा के प्राणों के लिए बदले सेवक ने दी बेटे की बलि, फिर राजा का बलिदान श्रेष्ठ क्यों? अंतिम भाग

बेटे की बलि देने से स्वामी की जान बच सकती है, यह वाक्य कानों में पड़ते ही बिना एक क्षण गंवाए वीरवर श्मशान से से सीधा घर पहुंचा.…

और पढ़ें

विक्रम वेताल संवादः राजा ने पहरेदार को मंत्री से ज्यादा वेतन पर रखा, सेवक ने उपयोगिता साबित की? अत्यंत रोचक कथा

एक बार शिव के सेवक रुद्रकिंकर यानी वैताल ने भगवान शंकर का ध्यान करने के बाद महाराज विक्रमादित्य से कहा- राजन! आज आपको मैं एक मनोहर कथा सुनाता…

और पढ़ें