धर्म कथाएं

अप्सरा पुंचिकस्थला को वानरी होने का शाप, अंजना रूप में बनीं हनुमान की माताःहनुमान अवतार की कथा भाग-1

कल शनिवार को हनुमानजी की जयंती है. कल चंद्रग्रहण भी है इस कारण मंदिर जाना या दिन में आरती-पूजा नहीं होगी किंतु ग्रहण काल में प्रभुनाम का यथासंभव…

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भगवती जगदंबिका द्वारा शुंभ के सेनापति धूम्रलोचन का वधः दुर्गासप्तशती छठा अध्याय

ऊं नमश्चंडिकायैः नमः छठा अध्याय महर्षि मेधा ने कहा- देवी की बात सुनकर दूत क्रोध में भरा हुआ वहां से असुरेन्द्र के पास पहुंचा और सारा वृतांत कह…

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कल्याणकारी है महिषासुर मर्दिनी माता का छठा शक्तिस्वरूप कात्यायनी

माँ दुर्गा के छठे रूप का नाम कात्यायनी है. कत नाम के प्रसिद्ध ऋषि थे. उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए. कात्य द्वारा चलाए प्रसिद्ध कात्य गोत्र में ऋषि…

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यज्ञ हवन से ज्यादा भक्तिभाव से रीझते हैं भगवानः श्रीहरि के प्रिय पार्षदों पुण्यशील और सुशील की स्कंद पुराण में वर्णित कथा

प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से save कर लें। फिर SEND लिखकर…

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मानव कल्याण के लिए पशु तक बन जाते हैं भगवानः विष्णुजी के वराह(जंगली शूकर) अवतार की कथा

कश्यप मुनि संध्या आरती के लिए बैठे थे कि पत्नी दिति ने उनसे पुत्र प्राप्ति के लिए सहवास की इच्छा जताई. कश्यप ने कहा- गोधूलि बेला है. शिवजी…

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लक्ष्मीजी ने कामधेनु से गोबर में मांग लिया अपना स्थान, इसलिए होती है गोबर गणेश की पूजा

अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके…

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दैत्यों की माता ने की इंद्रहंता पुत्र की कामना, इंद्र ने किए दिति के गर्भ के 49 टुकड़ेः भागवत कथा में आज मरूदगणों की उत्पत्ति की कथा

लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें। श्रीहरि ने दिति के दोनों पुत्रों हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यपु का वध कर दिया. दिति इसके लिए इंद्र को…

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भील ने महादेव को मांस का भोग लगाया, भोलेनाथ ने उसे भी अपनाया- महादेव की भक्त वत्सलता की रोचक कथा

आज शुक्रवार है. शुक्र को भगवान शिव की कृपा से मृत संजीवनी मंत्र प्राप्त हुआ. ग्रहों के मध्य सम्मानित स्थान मिला. महादेव ने शुक्र को दंडित भी किया…

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समस्त कुलों को जन्म देने वाली कश्यप की पत्नियां कही गईं लोकमाताः वेद आधारित देव,असुर, यक्ष, गंधर्व, पशु-पक्षी आदि के कुल का संक्षिप्त परिचय

प्रभुभक्तों हमने आपसे कश्यप व उनकी पत्नियों से संसार के प्राणियों की उत्पत्ति के बारे में परिचय देने का वादा किया था किंतु हमने कल जानबूझकर नहीं दिया.…

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भगवान श्रीकृष्ण पर लगा था मणि चोरी का आरोप, चोरी के आरोप से मुक्त हुए भगवान को मिलीं दो पटरानियां- श्रीकृष्ण कथा

कई लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी सत्यभामाजी की कथा की मांग की है. कुछ दिनों पहले स्यंतक मणि की कथा की भी दो लोगों ने मांग की…

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कुबेर को हुआ धन का मान, संकट में पड़े प्राणः कुबेर का घमंड तोड़ने को जब गणेशजी महाभोज का सारा अन्न चट कर गए

हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[fblike] कुबेर को अपनी संपत्ति और ऐश्वर्य पर अहंकार हो गया था. वह अक्सर इसका दिखावा करते रहते थे. देवों पर धौंस जमाते थे.…

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श्रीहरि के सेवकों को मिला शाप, दैत्य बने और स्वयं हरि करें तेरा नाशः भागवत कथा में दिति के गर्भ से असुरों की उत्पत्ति की कथा

लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें। भागवत की कथा में इंद्र के प्रसंग के बाद, इंद्र के सौतेले भाइयों दैत्यों की उत्पत्ति का प्रसंग…

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इंद्र के मानसरोवर में छुपने से राजा नहुष बने कार्यवाहक इंद्र, इंद्राणी पर मोहित होने से नहुष को बन गए सर्पः भागवत में नहुष की कथा

आपने कल की भागवत कथा में पढ़ा कि वृतासुर के वध के बाद इंद्र ब्रह्महत्या के दोष से से बचने के लिए मानसरोवर में कमलनाल में जाकर एक…

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इंद्र ने किया शनि का अपमान, सारा दिन छिपते फिरे न अन्न मिला न मान

बेहतर अनुभव और लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् Android ऐप्प डाउनलोड करें। कई लोगों ने शनिदेव की इंद्र के साथ संघर्ष की कथा की मांग की है.…

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इंद्र के वध के लिए यज्ञकुंड से निकला वृटासुर, प्राण बचाने के लिए श्रीहरि के आदेश पर इंद्र ने दधीचि से मांगा अस्थिदानः भागवत कथा में आज दधीचि का प्रसंग.

बेहतर अनुभव और लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें। इंद्र द्वारा अपने पुत्र विश्वरूप का वध करने से क्रोधित त्वष्टा ने इंद्र को यज्ञकुंड…

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इंद्र के आचरण से क्षुब्ध बृहस्पति अंतर्ध्यान हुए तो त्वष्टापुत्र बने नए देवगुरूःभागवत कथा में विश्वरूप के देवगुरू बनने और इंद्र द्वारा उनकी हत्या का प्रसंग

देवराज इंद्र का अहंकार बहुत बढ़ गया था. स्वर्ग के स्वामी होने के मद में वह चूर रहते थे. एक बार इंद्रसभा सजी हुई थी. स्वर्ग की अप्सराएं…

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