Advertisement728 × 90

तांत्रिक प्रयोग, जादू-टोना, काला जादू तो नहीं हुआ आप पर?

तांत्रिक प्रयोग, जादू-टोना, काला जादू तो नहीं हुआ आप पर?

अक्सर लोगों को एक अंजाने डर से परेशान देखा जाता है कि कहीं उन पर तंत्र-मंत्र, जादू-टोना तो नहीं करा दिया गया है। क्या तंत्र-मंत्र, जादू-टोना, काला जादू आदि का अस्तित्व है! तांत्रिक प्रयोग हुआ है क्या इसे जांचने का कोई तरीका है? आपके मन में ये प्रश्न कभी आए हैं तो पोस्ट पूरा पढ़िएगा।

लेख का उद्देश्य आपको तांत्रिक प्रयोगों से परिचित कराना है ताकि आप इस शास्त्र को समझें और सावधान रहें। सबसे पहले यह समझना होगा कि क्या तंत्र-मंत्र, काला जादू, टोना आदि होते भी हैं? हो सकता है आपका विवेकशील दिमाग कई बार स्वीकार न करे लेकिन ऐसा होता है। आगे समझाएंगे इस बात को। दूसरी बात, शिवजी द्वारा रचे तंत्रशास्त्र से बहुत डरने की जरूरत नहीं। आपके मन का भय भी निकालेंगे। ध्यान से, गंभीरता से पढे़ं-

 

 

 

 

 

 

धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-
संसार में जहां सात्विक शक्तियां हैं वहीं तामसी और पिशाची शक्तियां भी हैं। सत और असत दोनों का साथ-साथ अस्तित्व है। आपने यदि कोई पूजा विधिवत की हो तो याद करिए, अंगन्यास करते समय आप देव और असुर दोनों का स्मरण करते हैं। दोनों को नमस्कार करते हैं। तो जहां सत्य की शक्ति है वहीं असत्य की भी शक्ति है। असत्य हो ही नहीं तो सत्य के होने का अंदाजा कैसे लगेगा।

कौन है पहला तांत्रिकः

शिवजी ने तंत्रशास्त्र रचा इसलिए आप कह सकते हैं कि पहले तांत्रिक महादेव ही हैं। तंत्रशास्त्र रचने का उनका उद्देश्य था कल्याण पर इसका दुरुपयोग भी किया लोगों ने। जैसे डायनामाइट का प्रयोग पहाड़ काटकर सड़क बनाने में किया जा सकता है, किसी का घर उजाड़ने में भी। बंदूक सिपाही के हाथ में है रक्षा के लिए, आतंकी के हाथ है तो हिंसा के लिए। बंदूक का दोष नहीं, प्रयोग करने वाले का दोष है।

यह भी बता दें दुष्ट शक्तियों का अस्तित्व थोड़ी देर के लिए होता है। वे जितनी तेजी से बढ़ती है उतनी ही तेजी से नष्ट हो जाती हैं। हमें बस उनके बढ़ने और नष्ट होने के बीच के थोड़े समय पर सचेत और तैयार रहना होता है। बस इतना ही है। बहुत डरने की जरूरत नहीं, जरूरत है सतर्क रहने की। तंत्र शास्त्र का अस्सी प्रतिशत हिस्सा शुभ कर्मों के लिए है इसलिए तंत्र साधक बुरे होते हैं ऐसी धारण ठीक नहीं। इसकी साधना तो सामान्य सी बात है। बिल्कुल वैसे ही जैसे मंत्र साधना किसी को लाभ पहुंचाने के लिए होती है.

जब मंत्र हैं ही तो फिर तंत्र क्यों बना?

माना जाता है कि तंत्र से मंत्र के मुकाबले अभीष्ट की प्राप्ति ज्यादा जल्दी हो जाती है। इसमें इष्ट को विवश कर दिया जाता है मनोकामना पूर्ति के लिए पर यही बात इस तंत्र साधना के विरूद्ध भी जाती है। तंत्र का बीस प्रतिशत हिस्सा जो काली शक्तियों के प्रयोग के लिए होता है। उसका प्रयोग तांत्रिक अपने क्षुद्र स्वार्थों के लिए करते हैं। जिससे तंत्र शास्त्र की बदनामी ज्यादा हुई है।तंत्र प्रयोग से बहुत डर जाना चाहिए, कैसे जानें कि हम पर जादू-टोना किया गया हैः

बहुत डरने की जरूरत ही नहीं है, बस सावधान रहने की जरूरत है। हालांकि तांत्रिक यह भी जानते हैं कि भगवान शिव के बनाए हुए इस महान शास्त्र का दुरुपयोग करने पर उसका बहुत बुरा दंड भोगना पडता है। इसके प्रयोग करने वाले अंततः बहुत ही बुरी गति को प्राप्त होता है फिर भी लाभ के लालच में लोग अक्सर तंत्रशास्त्र का दुरुपयोग करते हैं। तंत्र साधना या तंत्र का प्रयोग एक दोधारी तलवार है। इसे आप जिस पर चला रहे हैं उसकी गर्दन तो कटेगी ही आपका भी हाथ कटेगा यह निश्चित है।

यदि जिस पर तंत्र का प्रयोग किया है वह शिव, काली या हनुमानजी का बड़ा भक्त है तो उसको तो मामूली क्षति होगी आपका नुकसान ज्यादा हो जाएगा। यानी तंत्र प्रयोग के चक्कर में आप अपना ही नुकसान कर बैठेंगे। न माया मिली न राम।

हिंदू धर्म से जुड़ी सभी शास्त्र आधारित जानकारियों के लिए प्रभु शरणम् से जुड़ें. एक बार ये लिंक क्लिक करके देखें फिर निर्णय करें. सर्वश्रेष्ठ हिंदू ऐप्प प्रभु शरणम् फ्री है.

Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें


लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM

किन लक्षणों से पहचाना जाए कि किसी पर तांत्रिक प्रयोग या जादू-टोना किया गया है। सबसे सामान्य लक्षणों के बारे में जानेंगे जो इशारा देते हैं कि किसी पर तंत्र प्रयोग हुआ है। यह सब अगले पेज पर पढिए.नाड़ी की गति का तेज हो जानाः

ईश्वर ने हमारे शरीर में कई तरह की खूबियां दी हैं। यदि शरीर पर किसी भी तरह का बाहरी हमला होता है तो शरीर उसका प्रतिरोध करता है। ठीक वैसे ही जैसे शरीर में किसी तरह का इंफेक्शन होने पर शरीर प्रतिरोध करने लगता है।  बुखार आ जाता है या दर्द होने लगता है।उसी प्रकार यदि आपके उपर किसी तरह का तांत्रिक प्रयोग किया गया हो आपके शरीर का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे नाड़ी की गति तेज हो जाती है। ये तांत्रिक प्रयोग का एक प्रमुख संकेत है। यही वजह है, कि कई बार तो प्रेत बाधा या तांत्रिक बाधा उतारने वाले लोग भी डॉक्टर की तरह पीड़ित की नाड़ी की जांच करते है।

याद रखिए जितना ज्यादा तेज तांत्रिक प्रयोग किया जाएगा, उतना ही ज्यादा पीड़ित की नाड़ी की गति तेज हो जाएगी।

आप प्रभु शरणम् से नहीं जुड़ें हैं? आप सच में कुछ मिस कर रहे हैं. एकबार देखिए तो सही, प्रभु शरणम् फ्री है. ट्राई करके देखिए.

Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें


लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM

सांसों का तेज तेज चलनाः

यदि आपके उपर तांत्रिक हमला होता है, तो नाड़ी की ही तरह सांसों की गति भी तेज हो जाती है। कई बार आपने फिल्मों में या वास्तविक जीवन में प्रेत बाधा से ग्रसित व्यक्ति को देखा होगा, जिसके गले से सांस लेते समय डरावनी घरघराहट निकलने लगती है। यह भी प्रेत बाधा या तांत्रिक प्रयोग का एक प्रमुख संकेत है।कई बार तो पीड़ित व्यक्ति की सांसों की गति इतनी तेज हो जाती है कि हांफता रहता है जैसे कई किलोमीटर की दौड़ लगाकर आ रहा हो। यदि सांसों की गति असामान्य होने लगे तो ऐसी संभावना हो सकती है कि व्यक्ति पर तांत्रिक प्रयोग किया गया हो।

उसकी सांसों की तेज गति लगातार बनी रहती है। यह स्थिति कई घंटों या फिर कई दिनों तक चल सकती है।रात को डरावने सपने आनाः

तांत्रिक और अघोर क्रियाओं के लिए रात का समय सबसे उपयुक्त होता है। रात में काली शक्तियां बिल्कुल सक्रिय हो जाती हैं। अपने लक्ष्य पर हावी होने का प्रयास करती हैं। ऐसी स्थिति में जिस व्यक्ति पर तांत्रिक प्रयोग हुआ है वह यदि सोया हुआ हो तो अचानक चीखकर जागेगा।  यदि गहरी नींद सोया हुआ तो उसे भयावह और डरावने सपने आने लगते हैं। ये डर पैदा करते हैं।ऊंचाई से गिरने का सपना, किसी दुर्घटना में बुरी गति से मर जाने का सपना, किसी भयानक जीव के हमले का सपना या फिर किसी भूत प्रेत का दिखाई देना। इस तरह के डरावने सपने भी तांत्रिक प्रयोग का संकेत देते हैं।

यदि ऐसे सपने एकाध बार कभी-कभार आ गए तो डरने की बात नहीं। हो सकता है कि किसी से सुनी बात या फिल्म आदि का प्रभाव हो पर यदि ऐसे सपने बार-बार आने लगें तो इसकी संभावना है व्यक्ति पर तांत्रिक प्रयोग हुआ है।

करीब पांच लाख लोग रोज सुबह प्रभु शरणम् की सहायता से अपनी दैनिक पूजा करते हैं. ऐसा कई साल से लगातार हो रहा है. आप भी देखें.

Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें


लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM

अचानक शारीरिक-मानसिक कमजोरी महसूस करनाः

जब किसी व्यक्ति के उपर तांत्रिक प्रयोग किया जाता है, तो इसका मतलब ये है कि कोई व्यक्ति मंत्र या तंत्र के माध्यम से उसपर हावी होने का प्रयास कर रहा है। कोई तांत्रिक प्रयोग होता है तो व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक हानि होने लगती है। उसके विचार अचानक भटकने लगते हैं। या फिर अचानक से कमजोरी महसूस होने लगती है।ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उस इंसान की जीवनी शक्ति मंत्र या तंत्र प्रयोग से क्षीण होने लगती है। इससे उसके शारीरिक या मानसिक स्थिति को आघात पहुंचता है। उसे कमजोरी महसूस होने लगती है।

सर्वश्रेष्ठ हिंदू ऐप्प प्रभु शरणम् को एक बार देखें जरूर.

Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें


लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM

पानी से परखें तांत्रिक प्रयोगः

रात को सोते समय पलंग या बिस्तर के पास गिलास में भरकर पानी रख दें। मन में यह संकल्प करें कि आपके अंदर की नकारात्मक ऊर्जा निकलकर उस गिलास के पानी में जमा हो जाए। अगले दिन सुबह उठकर उस गिलास का पानी गमले में लगे किसी पौधे में डाल दें।

यह प्रयोग लगातार कम से कम आठ दिनों तक करें। यदि आपपर कोई तांत्रिक प्रयोग किया गया होगा, तो जिस पौधे में आप पानी डाल रहे हैं धीरे-धीरे वह मुरझाने लगेगा। आठवें दिन बिल्कुल सूख जाएगा। यह तांत्रिक प्रयोग का संकेत है।

यदि तांत्रिक प्रयोग ज्यादा तेज हुआ तो पौधे पर दो से तीन दिनों में ही असर दिखने लगेगा और वह पौधा कुम्हला जाएगा।तकिए के नीचे नींबू रखनाः

नींबू एक ऐसा फल है जो तांत्रिक प्रयोगों के लिए इस्तेमाल होता है, तंत्रिक प्रयोग की काट के लिए भी। नीबू में तांत्रिक उर्जा को सोख लेने का गुण होता है। यदि आपको तांत्रिक प्रयोग किए जाने का शक हो, तो सोने से पहले तकिए के नीचे नीबू रख लें। सोते हुए मन में ये संकल्प लें कि मेरे अंदर की नकारात्मक उर्जा इस नीबू में जा रही है।यदि आपके उपर किसी तरीके का तांत्रिक प्रयोग सचमुच किया जा रहा होगा, तो नीबू का रंग बदल जाएगा। वह मुरझा जाएगा और उसका रंग भी काला पड़ जाएगा।

यदि रंग में कोई अंतर न दिखे तो समझें कि आपपर कोई तांत्रिक प्रयोग नहीं हुआ। नींबू में हल्का सा फर्क दिखे तो भी समझें कि वह गर्मी या दबने से हुआ हो सकता है। यदि फर्क ज्यादा दिखे तो जानें कि आप पर कोई तांत्रिक प्रयोग हुआ है।

आपको यह पोस्ट कैसी लगी, अपने विचार लिखिएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प में ऐसे उपयोगी पोस्ट बहुत मिल जाएंगे. छोटा सा ऐप्प है. करीब पांच लाख लोग उसका प्रयोग करके प्रसन्न हैं. आप भी ट्राई करके देखिए. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. नीचे लिंक दे रहा हूं प्रभु शरणम् का.

प्रभु शरणम् का लिंकः-

वेद-पुराण-ज्योतिष-रामायण-हिंदू व्रत कैलेंडेर-सभी व्रतों की कथाएं-व्रतों की विधियां-रामशलाका प्रश्नावली-राशिफल-कुंडली-मंत्रों का संसार. क्या नहीं है यहां! सब फ्री भी है. एक बार देखें जरूर…

Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें


लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM

प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से SAVE कर लें। फिर SEND लिखकर हमें उस नंबर पर WhatsApp कर दें. जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना WhatsApp से मिलने लगेगी. यदि नंबर सेव नहीं करेंगे तो तकनीकि कारणों से पोस्ट नहीं पहुँच सकेंगे.धार्मिक अभियान प्रभु शरणम् के बारे में दो शब्दः 

सनातन धर्म के गूढ़ रहस्य, हिंदूग्रथों की महिमा कथाओं ,उन कथाओं के पीछे के ज्ञान-विज्ञान से हर हिंदू को परिचित कराने के लिए प्रभु शरणम् मिशन कृतसंकल्प है. देव डराते नहीं. धर्म डरने की चीज नहीं हृदय से ग्रहण करने के लिए है. तकनीक से सहारे सनातन धर्म के ज्ञान के देश-विदेश के हर कोने में प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रभु शरणम् मिशन की शुरुआत की गई थी. इससे देश-दुनिया के कई लाख लोग जुड़े और लाभ उठा रहे हैं. आप स्वयं परखकर देखें. आइए साथ-साथ चलें; प्रभु शरणम्!
इस लाइऩ के नीचे फेसबुक पेज का लिंक है. इसे लाइक कर लें ताकि आपको पोस्ट मिलती रहे. धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-

हम ऐसी कहानियां देते रहते हैं. Facebook Page Like करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा: Please Like Prabhu Sharnam Facebook Page

धार्मिक चर्चा करने व भाग लेने के लिए कृपया प्रभु शरणम् Facebook Group Join करिए: Please Join Prabhu Sharnam Facebook Group

error: Content is protected !!