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घड़ी से किस्मत चमकाने के नौ जबरदस्त प्रयोग

घड़ी से किस्मत चमकाने के नौ जबरदस्त प्रयोग

कहते हैं न घड़ी या वक्त हर किसी का अच्छा-बुरा आता है. जिस घड़ी को किस्मत के साथ जोड़कर मुहावरे में देखा जाता है उस घड़ी का वास्तव में किस्मत से रिश्ता है. आपको सुनकर आश्चर्य हुआ? जानिए कैसे आपके घर की घड़ी आपके जीवन की घड़ी को संवार सकती है.


भक्ति कथाओं के लिए प्रभु शरणम् फेसबुक पेज लाइक करें-आम तौर पर हर घर में घड़ी जरुर होती है। चाहे वह हाथ घड़ी हो या फिर दीवार घड़ी। क्या आप जानते हैं, यह घड़ी आपके भविष्य को भी प्रभावित करती है। वास्तुशास्त्र , फेंगसुई और कई अन्य प्रचलित पद्धतियां घर की घड़ी को बहुत अहम मानती हैं। युनान और कई यूरोपीय देशों में भी प्राचीनकाल से घड़ी की सूइयों की मदद से भविष्य के संकेतों की गणना की जाती रही है।

घड़ी का संबंध करियर, मनोस्थिति, रिश्तों और आर्थिक स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता है। वास्तु और अन्य शास्त्रों का मत है कि घड़ी  व्यक्ति के जीवन के कालचक्र का प्रतीक है। इस काल यानी समय की गणना का कार्य घड़ी करती है। इसलिए घड़ी आपके जीवन की कालगणना को प्रभावित करती है।

इसलिए वास्तुशास्त्री घर में घड़ी को लगाने के विषय में संलाह देते हैं। घड़ी का स्थान सोच-समझकर तय करना चाहिए। जिसे आप बस समय देखने की इलेक्ट्रॉनिक वस्तु समझ रहे हैं, वह घड़ी आपके जीवन से गहराई से जुडी हैं। आपको घड़ी से जुड़ी बहुत सी काम की बातें बताएंगे जिनका आपके जीवन से सीधा नाता है।

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आईए जानते हैं घड़ी की दिशा और स्थिति से संबंधित कुछ अहम तथ्य। ये आपके जीवन की दशा और दिशा तय करते हैं।भक्तिमय/प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् फेसबुक पेज लाइक करें-घर में इन स्थानों पर घड़ी लगाना अशुभ साबित होता हैः

दक्षिण दिशा में कभी न लगाएं घड़ीः

दक्षिण दिशा को यम के प्रभाव में है। यह यम का मार्ग भी माना जाता है। दूसरे शब्दों में दक्षिण मृत्यु की दिशा कहलाती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के दक्षिणी हिस्से में कभी भी घड़ी नहीं लगाना चाहिए। अगर आप इस दिशा में घड़ी लगाते हैं तो घर के व्यक्तियों की आयु और सौभाग्य के लिए यह अशुभ माना जाता है।

इसके अलावा दक्षिण दिशा ठहराव की भी होती है। इस दिशा में घड़ी को लगाना व्यक्ति के प्रगति के मार्ग में ठहराव लाने के बराबर है। यह घर में मौजूद सदस्यों के कॅरियर पर बुरा असर डालता है। जीवन में आगे बढ़ने के रास्ते में बाधक बनता है।

मुख्यद्वार पर कभी न लगाएं घड़ीः

अगर आपके घर के मुख्य दरवाजे पर घड़ी लगी हो तो उसे तुरंत हटा दें। इससे घर की खुशियों में बाधा आती हैं। खुशियां घर में प्रवेश नहीं करती और परिवार में भी अच्छा माहौल नहीं रहता है। घर के दरवाजे पर भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार या दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाने से परिवार में तनाव बढ़ता है। मुख्य दरवाजे का इस्तेमाल ही घर से बाहर आते-जाते समय किया जाता है। इससे आसपास की ऊर्जा प्रभावित होती है। 

घड़ी लगाने की सबसे सही दिशाः

घड़ी मुख्य रुप से काल गणना करती है। गणना यानी गिनती का मालिक बुध होता है।  बुध का चंद्रमा शत्रु है और मंगल गुरु के साथ बुध शत्रुवत हैं।  अतः उत्तरी, ईशान, दक्षिण दिशा, अग्निकोण में घड़ी नहीं लगायें। शेष सभी दिशाएं शुभ हैं। पूर्व और पश्चिम दिशाएं विशेष रूप से शुभ हैं।

 

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भक्तिमय/प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् फेसबुक पेज लाइक करें-तोहफे में न दें घड़ीः 

लोग उपहारस्वरूप घड़ियां सबसे अधिक देते हैं जो कि शुभ नहीं हैं। कभी किसी को घड़ी तोहफे में नहीं देनी चाहिए। घड़ी की सुइयां हमें समय में बांधती हैं। यदि यही समय हम किसी को तोहफे में दे रहे हैं। इससे आप दोनों की कालगणना आपस में जुड़ जाती है। फिर उस व्यक्ति के साथ होने वाले हर अच्छे बुरे दौर का असर आपके ऊपर भी पड़ सकता है। कई बार तो इसका लाभ हो सकता है लेकिन इसके नुकसान की संभावना ज्यादा है।

 

कबी बंद न रहें आपकी घड़ीः

घड़ी को कभी भी बंद नहीं रखना चाहिए। अगर घड़ी खराब होकर बंद हो गई हो तो उतारकर घर से हटा दें, वर्ना आपकी समय दशा भी रुकने लगेगी। वास्तुशास्त्र के अनुसार बंद पड़ी घडिय़ों को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का स्तर गिर जाता है। बंद घड़ी नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करती हैं। इसलिए आपको जल्द ही ऐसी घड़ियों में नई बैटरी लगाकर इन्हें चालू करना चाहिए या फिर जल्द से जल्द इन्हें दीवार से उतार देना चाहिए।

केवल दीवार पर लगी घड़ियां ही नहीं, बल्कि अन्य घड़ियां जैसे कि कलाई घड़ी भी यदि उपयोग नहीं हो रही, बेकार बंद पड़ी हैं तो उन्हें ठीक कराकर उपयोग में लाएं। वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसा सामान जो काफी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, तो वह भी नकारात्मक ऊर्जा को निमंत्रण देने का बड़ा कारण बनता है।

 

भूल कर भी लेट न रखें घड़ीः

बहुत से लोगों की आदत होती है घड़ी का समय सही न रखने की। यह गलत आदत है। घड़ी का समय बिल्कुल सही रखना चाहिए या फिर दो-तीन मिनट आगे कर देना चाहिए। लेकिन समय को पीछे भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इससे जीवन में बाधाएं आती है। व्यक्ति जितनी मेहनत करता है, उसका पूरा परिणाम नहीं प्राप्त होता है। जिससे वह पीछे रह जाता है ।घड़ी पर धूल न जमने देंः

घड़ी की साफ सफाई बेहद सावधानी से करें। इसपर गलती से भी धूल ना जमे। अक्सर दीवार पर लगी घड़ियों पर एक-दो दिन बाद धूल जम ही जाती है। इन्हें निरंतर साफ करते रहें। घड़ी पर धूल जमने का अर्थ है आपने अपने कालचक्र पर धूल यानी बाधाओं को जमने का मौका दे दिया है। इससे आपका भाग्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

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 भक्तिमय/प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् फेसबुक पेज लाइक करें-ड्राइंग रुम में पेंडुलम वाली घड़ियां लगाएंः  

ड्राइंग रुम की दीवार पर लगी पेंडुलम वाली घड़ियां लगाएं। पेंडुलम वाली घड़ी इंसान के जीवन के बुरे समय को दूर करने वाली होती है। पेंडुलम वाली घड़ी का हिलता हुआ दोलक वास्तुदो का निवारण करता है। यह जातक के बुरे समय के प्रभाव को नष्ट करता है।

मधुर आवाज वाली घड़ियां रखेंः

घड़ियों से लाभ पाना चाहते हैं तो जितना संभव हो सके घर में मधुर ध्वनि निकालने वाली घड़ियां ही रखें। इसकी अच्छी आवाज़ से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। लेकिन ध्यान रखें लगातार आवाज करती रहने वाली घड़ियां अच्छी नहीं होतीं। इसलिए थोड़े अंतराल पर आवाज करने वाली ही घड़ियां रखें। 

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