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घर में सुख शांति के लिए राशि अनुसार कर सकते हैं ये सरल उपाय

घर में सुख शांति के लिए राशि अनुसार कर सकते हैं ये सरल उपाय

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जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना whatsapp से मिलने लगेगी।घर में यदि कलह का माहौल रहता हो, रोग आदि के कारण परिवार में परेशानी हो, घर में आमदनी तो होती हो लेकिन किसी न किसी अचानक आई परेशानी से पैसा टिकता न हो.

मानसिक रूप से, आर्थिक रूप से या व्यवसायिक रूप से हर तरह से परेशानियां अगर घेरती रहती हैं तो समझना चाहिए कि कुछ न कुछ परेशानी है. ज्योतिषशास्त्र में यदि सरल भाषा में कहें तो इसे ग्रहों का खेल कहा जा सकता है.

हर व्यक्ति की राशि के अनुसार ग्रहों का विशेष रूप से प्रभाव होता है. यदि ग्रहों की स्थिति शुभ है तो जीवन खुशहाल है यदि ग्रहों की स्थिति अनुकूल न हो तो विघ्न आएंगे ही.

कई बार कारण ऐसे जटिल नहीं होते कि उन्हें सुलझाया न जा सके. आपको किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लेकर उपाय कर लेने चाहिए. यदि आप परामर्श नहीं ले पा रहे तो आज मैं आपको राशि अनुसार कुछ छोटे छोटे प्रयोग बताता हूं इसके करने से निश्चित ही लाभ होना चाहिए.

अपनी राशि का विचार जन्मपत्री की राशि के अनुसार करें. यानी कुंडली में जो राशि बताई गई है वह आपकी राशि हुई.

अगले पेज पर जानिए राशि अनुसार उपाय. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
राशि के अनुसार करें ये छोटे-छोटे उपायः

मेषः

मेष राशि का स्वामी मंगल होता है. मंगल पराक्रम का प्रतीक है. आपको अपने राशिग्रह को प्रसन्न करने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए. यदि समर्थवान हैं तो किसी गरीब को मूंग, मसूर की दाल, गेहूं, गुड, आदि दान कर दें. केसर, लाल पुष्प, लाल चंदन, आदि मंदिर में चढ़ाएं, लाल वस्त्र, लाल बैल या गाय, सोना, तांबा, मूंगा या भूमिदान भी सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए. घर में शाम को गुग्गल का धूप देना चाहिए. ज्योतिषी के परामर्श से मूंगा धारण करें. हनुमानजी की पूजा करें.

वृषः

आपकी राशि का स्वामी शुक्र है. आपको साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. लक्ष्मी जी के मन्दिर में गाय का घी दान दें. चावल, श्वेत चंदन, चीनी, दही, श्वेत पदार्थ का दान सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए. ज्योतिषी के परामर्श से हीरा धारण कर सकते हैं. ऊं शंं शुक्राय नमः की एक माला का जप शुक्रवार को जरूर करें. शिवजी को नियम से जल चढ़ाते रहें.

मिथुनः

इस राशि का स्वामी बुध है इसलिए अगर आप बुधग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान दें तो आपके घर में निश्चित ही शांति रहेगी. हरा मूंज, फल, हरा वस्त्र, कपूर, घी आदि का सामर्थ्य अनुसार दान करें. किन्नरों को हरे वस्त्र एवं हरी चुड़ियां दान दें. ज्योतिषी के परामर्श पर पन्ना धारण करें. बुधवार को ऊं बं बुधाय नमः का यथासंभव जप करें.

कर्क, सिंह और कन्या राशि का उपाय अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
कर्कः

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा होते हैं. आप पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव है. चंद्रमा के शुभ प्रभाव के लिए आप 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को भोजन कराएं और दक्षिणा दें. घी, चावल, दही, श्वेत चंदन, श्वेत वस्त्र, आदि सामर्थ्य अनुसार दान करें. मंदिर में शंख, मोती और चांदी दान करें. ऊं सोम सोमाय नमः का यथासंभव जप करें.

सिंहः

आपकी राशि का स्वामी सूर्य है और आप पर सूर्य का विशेष प्रभाव है. इसलिए आप रोज सूर्योदय के समय तांबे के पात्र से सूर्य को जल चढ़ाए. रविवार को नमक का प्रयोग न करें. गेहूं, गुड़, रक्तचंदन, कमलपुष्प आदि अर्पित करें. सूर्य को प्रतिदिन जल दें. सूर्य को लाल प्रिय है इसलिए जल में कुमकुम, गुड आदि मिला लें. आदित्य हृद्य स्तोत्र का पाठ कर भगवान श्रीराम ने सूर्यदेव से सहायता मांगी थी. इसके पाठ से सूर्य बहुत प्रसन्न होते हैं.

कन्याः

कन्या राशि का स्वामी बुध है. इस राशि वालों को भी बुध को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए. लोगों को गले हुए मूंग गाय को खिलाना चाहिए. हरा मूंज, षटरस युक्त पदार्थ इससे आपके धर में शांति बनी रहेगी. भगवान गणपति की आपको विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. बुधवार को गणेशजी को दूर्वा अवश्य चढ़ावें और बुधवार से शुरू करके यथासंभव ऊं गं गणपत्यै नमः का जाप करें.

तुला, वृश्चिक और धनु राशि का उपाय अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
तुलाः

आपकी राशि का स्वामी शुक्र है. आप नव विवाहित वधू को भोजन कराएं तो आप पर लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी और घर में बरकत बनी रहेगी. आपको साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. लक्ष्मी जी के मन्दिर में गाय का घी दान दें. चावल, श्वेत चंदन, चीनी, दही, श्वेत पदार्थ का दान सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए. ज्योतिषी के परामर्श से हीरा धारण कर सकते हैं. शिवजी शुक्र के गुरू रहे हैं. इसलिए आपको शिवजी की विशेष पूजा करनी चाहिए. ऊं नमः शिवाय का जप करते हुए शिवजी को जल चढ़ावें.

वृश्चिकः

आपकी राशि का स्वामी मंगल है. मंगल पराक्रम का ग्रह है. इसके प्रभाव से पराक्रम तो मिलता है लेकिन उग्रता भी हो सकती है. आप रोज रात को तांबे के बर्तन में पानी भर कर उसे अपने सिरहाने रख कर सोएं. सुबह कांटेदार वृक्ष में डाल दें तो आपके घर में शांति रहेगी और सारी नकारात्मकता खत्म हो जाएगी. किसी गरीब को मूंग, मसूर की दाल, गेहूं, गुड, आदि दान कर दें. केसर, लाल पुष्प, लाल चंदन, आदि मंदिर में चढ़ाएं, लाल वस्त्र, लाल बैल या गाय, सोना, तांबा, मूंगा या भूमिदान भी सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए. वृश्चिक राशि वालों के लिए हनुमानजी की आराधना जरूर करनी चाहिए. प्रतिदिन सोने से पूर्व 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें, बहुत लाभ होगा.

धनुः

धनु राशि का स्वामी बृहस्पति है. बृहस्पति देवगुरू हैं. इनको पीला रंग प्रिय है. आपको गुरु को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए. रोज गाय को चारा दें, अपने घर के पिछले हिस्से में कहीं केले का पौधा लगाएं और उसमें गुरूवार को जरूर जल दें. केसर का तिलक लगाएं. चने की दाल, चीनी, पीला फूल, पुस्तक आदि का दान करना चाहिए. हर गुरुवार को किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं. ऊं बृं बृहस्पत्यै नमः की एक माला गुरूवार को जरूर जपें. आपको ऊं नमो भगवते वासुदेवाय की एक माला का प्रतिदिन जाप करना चाहिए.

मकर, कुंभ और मीन राशि का उपाय अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
मकरः

मकर का स्वामी शनि है. इस राशि वालों को शनिग्रह की शांति के विशेष उपाय करने चाहिए. काली उड़द, काला तिल, सरसों तेल, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काला कंबल दान करना चाहिए. शनिवार को पीपल के वृक्ष के जड़ में जल चढ़ाएं, सरसों तेल का दीपक जलाएं और दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करें. घोड़े की नाल की अंगूठी और नीलम ज्योतिषीय परामर्श धारण करना चाहिए. ऊं प्रां प्रीं प्रौं सः शनिश्चरायै नमः का यथासंभव जप करें. चिंटियों को आटा व चीनी खिलाएं.

कुंभः

मकर का स्वामी भी शनि है. इसलिए शनिग्रह की शांति के विशेष उपाय करने चाहिए. काली उड़द, काला तिल, सरसों तेल, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काला कंबल दान करना चाहिए. शनिवार को पीपल के वृक्ष के जड़ में जल चढ़ाएं, सरसों तेल का दीपक जलाएं और दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करें. घोड़े की नाल की अंगूठी और नीलम ज्योतिषीय परामर्श धारण करना चाहिए. ऊं प्रां प्रीं प्रौं सः शनिश्चरायै नमः का यथासंभव जप करें. चिंटियों को आटा व चीनी खिलाएं.

मीनः
आपकी राशि का स्वामी बृहस्पति है. आपको बृहस्पति को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए. अपनी राशि के अनुसार आपको रोज मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना चाहिए या दाना डालना चाहिए. अपने घर के पिछले हिस्से में कहीं केले का पौधा लगाएं और उसमें गुरूवार को जरूर जल दें. केसर का तिलक लगाएं. चने की दाल, चीनी, पीला फूल, पुस्तक आदि का दान करना चाहिए. हर गुरुवार को किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं. ऊं बृं बृहस्पत्यै नमः की एक माला गुरूवार को जरूर जपें. आपको ऊं नमो भगवते वासुदेवाय की एक माला का प्रतिदिन जाप करना चाहिए.

प्रस्तुतिः
डॉ नीरज त्रिवेदी,
सहायक प्रोफेसर, ज्योतिषशास्त्र, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान
ज्योतिषाचार्य, पीएचडी (ज्योतिष), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

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