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केदारधाम का महात्म्यः मेढक और हिरण को देखा जब बनता मोक्ष अधिकारी, शस्त्र छोड़ बहेलिए बन गया संन्यासी

केदारधाम का महात्म्यः मेढक और हिरण को देखा जब बनता मोक्ष अधिकारी, शस्त्र छोड़ बहेलिए बन गया संन्यासी

shiva
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माता पार्वती ने एक बार महादेव से पूछा कि आपको केदार क्षेत्र क्यों इतना प्रिय है. भगवान भोलेनाथ को ने आनंदित होकर केदार क्षेत्र का बखान करते हुए माता गौरी को एक कथा सुनाई.

एक गांव में एक बहेलिया रहता था. वह पक्षियों और जानवरों का शिकार करता था. उसे हिरण का मांस बहुत प्रिय था. बहेलियां पशुओं का वध करने से पहले उन्हें बहुत तड़पाता था.

एक दिन वह शिकार करने केदार तीर्थ में पहुंच गया. जब वह सघन जंगलों से होकर शिकार की खोज में पर्वतों पर विचर रहा था. उस समय नारद मुनि भी उस क्षेत्र में विचरण कर रहे थे.

इंसान की जैसी लालसा होती है, विवेक भी वैसा हो जाता है. वह शिकार के लिए घात लगाए था इसलिए तपोबल के तेज से चमकते नारद मुनि को दूर से देखकर उसे स्वर्ण मृग का भ्रम हो गया.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.स्वर्ण मृग के शिकार की कामना से उस शिकारी ने अपने धनुष पर बाण चढ़ा लिया. इससे पहले कि वह नारदजी के वध के लिए बाण चलाता सूर्यास्त हो गया. अंधेरे में उसने बाण चलाना सही नहीं समझा.

बहेलियां जहां था वहां पास में झाड़ियों में उसे दिखा कि एक सांप मेंढक को निगल गया है, किन्तु मृत्यु को प्राप्त करते ही मेढ़क शिव के स्वरूप में हो गया. वह हैरान था.

वह कुछ दूर और आगे गया, तो देखा कि एक बाघ ने हिरण को मार डाला है, किन्तु वह हिरण भी मरने के बाद शिवगणों के साथ शिवलोक की ओर प्रस्थान कर रहा है.

इन सब दृश्यों को देखकर वह बहेलिया भ्रमित और चकित हो उठा. इतने में ऋषि नारद उस बहेलिये के पास पहुंच गए. नारदजी को देख शिकारी ने सारी घटनाएं कहीं और उसके बारे में पूछा.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.नारद मुनि ने उससे कहा कि तुम बहुत सौभाग्यशाली हो, जो इस परम पवित्र तीर्थ में पधारे हो. इस कल्याणकी शुभ तीर्थ में निकृष्ट जीव भी तुम्हारे देखते-देखते शिव तत्व को प्राप्त हो गए.

बहेलिया नारदजी के चरणों में गिर गया. दण्डवत प्रणाम किया. उसने अपने उद्धार हेतु नारदजी से विनती की. नारदजी ने शिव महिमा के सम्बन्ध में उसे उपदेश तथा निर्देश दिए.

उनके उपदेश के बाद वह शिकारी केदारवासी हो गया और भजन-चिंतन में रम गया. घोर हिंसक प्रवृति वाला वह बहेलिया केदारनाथ की भक्ति से मरकर मोक्ष को प्राप्त हुआ. स्कंद पुराण की कथा

भगवान केदारनाथ की महिमा बताती एक और कथा स्कंद पुराण में आती है. वह कथा भी आपको थोड़ी देर बाद सुनाएंगे.

संकलन व संपादनः प्रभु शरणम्

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