कन्या विवाह में बाधा दूर करें

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विवाह में बाधा दूर करने के लिए मां गौरी का ध्यानकर निम्नमंत्रों का श्रद्धापूर्वक व नियमपूर्वक 21 दिनों तक पाठ करें. 21 दिनों में कात्यायनी मंत्र का कम से कम 41,000 बार जप होना चाहिए.
पहले दिन 1000 मंत्रजप से आरंभ करें और बढ़ते क्रम में जारी रखें. यानी अगले दिन 2000,फिर 2001, 2002…इस तरह 21 दिनों में 41,000 से ऊपर मंत्रजप करें.
किसी माह के शुक्लपक्ष के गुरुवार से जप शुरू करें. जप के बाद शिवजी को रोज जल व हल्दी तथा माता को सिंदूर चढ़ाएं. मंदिर में पाठ उत्तम है पर घर में भी किया जा सकता है.घर में शिवलिंग स्थापित कर ले. देवी पार्वती की फोटो रख लें और मंत्रजप करें. जप के बीच पडने वाले सोमवार को शिवलिंग पर मंदिर में गाय का कच्चा दूध चढ़ा दें पैकेट का नहीं.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:mbo]
मंत्रः
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नंद गोपसुतं देवि पतिं में कुरु ते नमः॥
(हे कात्यायनि, महामाया, महायोगियों की अधीश्वरि! मुझे भगवान श्रीकृष्ण जैसा पति प्रदान करें) यह मंत्र श्रीमद्भागवत में बताया गया है.
यदि विवाह बार-बार तय होकर कट जाता है तो कात्यायनी मंत्र के साथ-साथ प्रतिदिन एक माला यह मंत्र भी जपें.
हे गौरी! शंकर अर्धाङ्गिनी यथा त्वं शंकरप्रिया।
तथा माँ कुरुं कल्याणि कान्तं कान्तां सुदुर्लभाम्।
(हे गौरी! शंकर की अर्द्धांगिनी, जिस प्रकार आप शिवप्रिया हैं उसी तरह हे कल्याणी! मुझ कन्या को भी दुर्लभ वर प्रदान करें)
इसके साथ ही केले के वृक्ष की पूजा करके उसके नीचे बैठकर कम से कम 11 बार बृहस्पति मंत्र “ऊं बृं बृहस्पत्ये नमः” का भी जप करें. इससे गुरु उच्च होते हैं. गुरु विवाह के प्रबल कारक हैं.
डॉ.नीरज त्रिवेदी, ज्योतिषाचार्य
पीएचडी,बनारस हिंदू विश्वविद्यालय