देवताओं के तेज से देवी दुर्गा का प्रादुर्भाव और महिषासुर की सेना का वधः श्रीदुर्गा सप्तशती द्वितीय अध्याय
श्री दुर्गा सप्तशती — द्वितीय अध्याय देवताओं के तेज से देवी दुर्गा का प्रादुर्भाव और महिषासुर की सेना का वध ।ॐ नमश्चण्डिकायै नमः। मार्कण्डेय ऋषि कहते हैं —…
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