बृहस्पति है खराब तो होगा मोटापा और पेट का रोग. गुरू दोष को दूर करना है बहुत आसान- उपयोगी बातें

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देवताओं के गुरु बृहस्पति का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव होता है. वह देवताओं के सलाहकार और उपदेशक हैं इसलिए बुद्धि-विवेक और ज्ञान को गुरु सीधे प्रभावित करते हैं.
चंद्रमा, बृहस्पति और शुक्र शरीर में वसा की मात्रा को नियंत्रित करते हैं. वात, पित्त व कफ की मात्रा बढ़ने से शरीर में मोटापा बढ़ता है.
जिनका ग्रहस्वामी बृहस्पति होता है उनका शरीर विशाल होता है. वे खाने के शौकीन होते हैं लेकिन तामसी भोजन (मांस-मदिरा) की जगह मीठा और नमकीन ज्यादा पसंद होगा.
अगर बेतहाशा मोटापा बढ़ रहा हो तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपका बृहस्पति खराब है.
इसके अलावा यदि लग्न में कर्क, वृश्चिक हो और इनके स्वामी भी शुभ हों या लग्न में जलीय प्रकृति का ग्रह हो तो शरीर पर मोटापा बढ़ेगा.
यदि गुरु की दशा खराब हो जाए तो वह मनुष्य को झूठा, भ्रष्ट, सोने का स्मगलर, रिश्वतखोर बना सकता हैहमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:mbo]
सिर पर चोटी के स्थान के बाल उड़ जाएंगे, सोने का हार पहनने की जिद होगी. सोना चोरी हो सकता है, बिना कारण शिक्षा रुक जाएगी, व्यक्ति के संबंध में व्यर्थ की अफवाहें उड़ने लगेगीं, आँखों में तकलीफ, अनावश्यक दुश्मन पैदा होना और साँप के आने लगेगे.
बृहस्पति के साथ एक अच्छी बात यह है कि उन्हें आसानी से शांत किया जा सकता है. उपाय क्या हैः
जिन पर बृहस्पति हावी हैं उनके खाने-पीने की आदत पर पाबंदी लगा पाना तो थोड़ा कठिन है, इसलिए बेहतर है कि दुष्प्रभाव कम करने वाले उपाय बताए जाएं.
आप गुरुवार को पीला भोजन अवश्य करें. जैसे केला, गुड़ आदि. गुरुवार को मांसाहार करने से बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और अगर आप अपेंडिक्स, हार्निया, मोटापा, पीलिया या गैस से पीड़ित हैं, फिर भी गुरुवार को मांसाहार कर रहे हैं. तो आप अपनी समस्याएं कई गुना बढ़ा रहे हैं.
आप गुरुवार को अपने खाने के डब्बे में चीनी, केला, केसर वाली या पीली मिठाइयां रखें और दूसरों को खिलाएं.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:mbo]
कोई न कोई पीला वस्त्र जरूर धारण करें. कुछ संभव न हो तो पीला बनियान या रुमाल ही रख सकते हैं. सबसे सरल उपाय है कि आप उस दिन पीले चंदन का टीका लगा लें.
कमज़ोर बृहस्पति वाले व्यक्तियों को केला और पीले रंग की मिठाईयां गरीबों, पंक्षियों विशेषकर कौओं को देनी चाहिए.
अगर बृहस्पति बहुत खराब है तो आप केले का सेवन न करें और आपके बेडरूम में केला गलती से भी नहीं होना चाहिए.
बृहस्पति की शांति के लिए रत्न भी धारण कर सकते हैं लेकिन सफेद चन्दन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें केसर मिलाकर लेप को माथे पर लगाने या उसका टीका लगाने से भी बराबर का लाभ मिल जाता है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:mbo]
गुरू ज्ञान के ग्रह हैं. आप शिक्षा के क्षेत्र में सफलता चाहते हैं तो बृहस्पतिवार को किसी न किसी को शिक्षा दें. अपने पड़ोस के किसी गरीब को शिक्षा दे सकते हैं, किसी एनजीओ में क्लास ले सकते हैं. अगर कुछ भी संभव नहीं हो पा रहा तो किसी गरीब की पढ़ाई में आर्थिक मदद कर दें.
इसके अलावा एक और आसान और सबसे कारगर उपाय है बृहस्पति मंत्र का जप करना-
।।ऊँ बृं बृहस्पतये नमः।। अथवा ।।ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।।
मंत्र का 76,000 बार जप करना बताया गया है फिर भी मंत्र छोटा है जितना संभव हो उतना तो जप ही लें. जब भी फुर्सत में हों, जैसे रेल, बस में बैठे हों तब भी जप सकते हैं- मांसाहार करके बिलकुल न जपें.
प्रस्तुतिः
डॉ. नीरज त्रिवेदी, ज्योतिषाचार्य, पीएचडी
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय