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भूत प्रेत सताएं तो 15 जबरदस्त उपाय जिनसे उन्हें भगाएं

भूत प्रेत सताएं तो 15 जबरदस्त उपाय जिनसे उन्हें भगाएं

घर में भूत प्रेत बाधा हो तो परिवार परेशान हो जाता है। जिसे भूत प्रेत ने अपने अधिकार में लिया हो उसका कष्ट बस वही समझ सकता है। घबराएं नहीं। आत्मबल यानी जो भूत प्रेत से निडर होकर सामना करने को खड़ा रहता है वे उससे खुद ही दूर रहते हैं। जानते हैं प्रेतबाधा से मुक्ति के 15 सटीक उपाय।

वैसे तो भूत प्रेत सदाशिव के गण हैं। भूत प्रेत आदि में महादेव, जगदंबा या हनुमानजी का ध्यान करने वाले भक्तों को कष्ट पहुंचाने की शक्ति नहीं होती। लेकिन सामान्य संसारी मनुष्य ऋषि मुनियों की तरह हमेशा तो ईश्वर के ध्यान में लीन रह नहीं सकता। दैनिक जीवन में कुछ न कुछ ऐसी गलतियां हो ही जाती हैं, जिससे इन अशरीरी ताकतों को हावी होने का मौका मिल जाता है।


धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-सभी भूत प्रेत परेशान करने वाले ही नहीं होते। इनमें से कुछ अच्छे होते हैं तो कुछ बेहद बुरे। मनुष्यों का पाला ज्यादातर बुरी प्रवृति वाले प्रेतों से ही पड़ता है। अच्छी प्रवृति वाली सद्आत्माएं मनुष्यों से दूर रहती हैं। वे किसी एकांत स्थल या निर्जन में ही अपनी प्रेत योनि काटती हैं। ये सद्आत्माएं किसी पर प्रसन्न हो गए तो उसे बहुत कुछ प्रदान भी कर देते हैं।

बुरी प्रवृति वाले भूत प्रेत अपनी इच्छाओं और वासनाओं को गुलाम होते हैं। प्रेत योनि मिलने पर वे इच्छाएं उन्हें ज्यादा सताती हैं। इसी कारण वह मनुष्यों के बीच रहकर अपनी वासनाओं की पूर्ति का प्रयास करते हैं। इसीलिए उनसे सामान्य मनुष्यों का पाला ज्यादा पड़ता है। लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि आपको अपने आसपास भूत प्रेत की उपस्थिति का आभास हो, तो घबराने की जरुरत नहीं। इसका समाधान भी है।

हमने पहले आपको बताया भी था कि इस बात का पता कैसे लगाएं कि आपका आस पास भूत प्रेत की उपस्थिति है। अगर भूत प्रेत की उपस्थिति का भरोसा हो जाए, तो उनसे बचाव कैसे करें? आज इसी पर बात करेंगे।

वैसे तो आगमशास्त्रों में अनगिनत प्रयोग और उपाय कहे गए हैं। उनमें से जो सबसे सरल हैं जिन्हें आप स्वयं कर सकते हैं ऐसे 15 उपाय जानिए। इन उपायों को चुनने का कारण यह है कि इसे आप ्स्वयं कर सकते हैं। किसी ओझा-गुनी या तांत्रिक के पास जाने की आवश्यकता नहीं।

ज्यादातर भूत प्रेत या दुरात्माएं सामान्य शक्तियों वाले होते हैं। वे अपनी इच्छा और वासना के गुलाम होते हैं। उन्हें भगाने के लिए बहुत ज्यादा उपाय की आवश्यकता नहीं होती। वैसे तो अपना आत्मबल बहुत मजबूत रहे उसी से भूत प्रेत घबराते हैं। जिन्हें भय होने लगता है वे उन्हें ज्यादा सताते हैं। यदि आप भूत प्रेत से भयभीत न होकर उनका सामना करके भगाने का भाव रखें तो भूत-प्रेतों का आधा बल वहीं समाप्त हो जाता है।

भूत प्रेत या बुरी आत्मा ने आपके आसपास कहीं डेरा डाला है या नहीं इसे समझने के लिए नीचे पोस्ट पढ़ सकते हैं। लिंक इसी लाइन के नीचे हैं-अगले पेज पर जानें भूत प्रेत आत्मा के चंगुल से मुक्ति के पंद्रह सरल उपाय 

धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-भूत प्रेत बुरी आत्मा सताए तो ये उपाय आजमाएंः

1. बेल की जड़ , देवदारु, बबूल तथा प्रिचंगु लेकर आएं। सबको एकसाथ पीसकर हवनकुंड में गाय के गोबर के उपले की अग्नि में डाल दें। इसका धुआं जब फैले तो वहां प्रेतबाधा से प्रभावित व्यक्ति को ले आएं। इससे भूत प्रेत, पिशाच, राक्षस, ब्रह्मराक्षस, बुरी आत्मा आदि की बाधा दूर होती है।2. यदि किसी को भूत प्रेत बहुत सताता हो, तो शनिवार को काले धतूरे की जड़ उसकी दाहिनी भुजा में बाँध दें। प्रेत उसे सताना छोड़ देगा। यदि पीड़िता स्त्री हो, तो धतूरे की जड़ उसकी बायीं भुजा में बांधें।

3. खस, चन्दन, कांगनी, नागर तथा लाल चन्दन और कूट को मिलाकर लेप बनाएं। यह लेप हर प्रकार की भूत प्रेत बाधा को दूर करता है। यदि ऐसा आभास हो कि घर के आसपास कहीं भूत प्रेत आत्मा अपना  बसेरा बना रहे हैं तो यह लेप सभी को समय-समय पर लगा लेना चाहिए। आप इसे सौंदर्य का लेप समझकर ही लगा लें। इसमें जो चीजें डाली गई हैं वे सौंदर्यवर्धक हैं। इस प्रकार भूत प्रेत के प्रकोप से भी रक्षा होगी और त्वचा भी निखरेगी।4. गोरखमुंडी, गोखरू और बिनौला इन तीनों को गाय के मूत्र में पीसकर, रोगी को इसका धुंआ दें। उसपर सवार पिशाच तुरंत भाग खड़ा होगा। पिशाचों को भगाने का यह सबसे तीव्र उपाय है जो सबसे प्रचलित है।

5. हींग को लहसुन के पानी में पीसकर पीड़ित को नाक में सुंघाएं अथवा आँखों में काजल की भाँति लगाएं। जिस प्रकार का भी भूत प्रेत का प्रभाव होगा दूर हो जाएगा।6. एक पाव (250 ग्राम) बांकला और मुर्गी का एक अंडा रोगी के सिर से सात बार उतार लें। रात्रि के समय किसी नदी या तालाब के किनारे रखवा दें। रोगी अवश्य ठीक हो जाएगा।

7. पांच छटांक (लगभग तीन सौ ग्राम ) चावल (साबुत), एक पाव दही, सवा गज कोरा सफ़ेद कपड़ा। ये सब वस्तुएं किसी कोरी मिटटी की हंडिया में रखें तथा रोगी के ऊपर से सात बार उतार लें। फिर इसे घर से बहुत दूर किसी सुनसान स्थान पर मिटटी खोदकर गाड़ आएं।

irp posts=”6770″ name=”प्रेत योनि, भूल से भी न करें ये पांच पाप हो जाएंगे प्रेत.”]

8. काले तिल पांच छटांक, सात प्रकार के अनाज सात छटांक, सात प्रकार की दाल सात छटांक, काले उड़द पांच छटांक तथा सवा गज कोरा काला कपडा। इन सब वस्तुओं को काले रंग के कपडे में बांधकर (सवा गज कपडा सामान के साथ वाला हो ) रोगी के ऊपर से उतारकर घर से दूर के किसी भैरों मंदिर में रखवा दें।धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-9. चांदी की एक छोटी-सी पुतली (उसका भार चाहे आधा तोला से भी कम हो बनवा लें) इसके बाद एक पाव शक्कर, एक किलो चावल, थोड़ा लाल कपडा, एक नारियल। ये सब वस्तुएं पीड़ित के ऊपर से उतारकर मरघट(श्मशान) में रखवा दें। यह क्रिया रात में की जानी चाहिए।10. तुलसी के पत्ते व काली मिर्च के दाने आठ-आठ की संख्या में तथा सहदेवी की जड़ रविवार के दिन पवित्र होकर लाएं।  इन तीनों को कपड़े में बांधकर रोगी को गले में धारण करा दें। इससे ऊपर की भूत प्रेत बाधा अवश्य शांत होगी।

11. रात्रि में पीड़ित के सिरहाने एक लोटा पानी रखवा दें। प्रातः सात बार रोगी के सिर पर से उतारकर लोटे का पानी घर से दूर किसी पीपल वृक्ष के नीचे डाल आएं। इस क्रिया को पूरे सात दिन करना है। ध्यान रहे कोई टोके नहीं और बिना नागा किए करें। बहुत सुबह-सुबह करें तो संभव हो जाता है।12. हनुमान जी के चरणों से थोड़ा सिंदूर ले आएं। उस सिंदूर को चांदी के ताबीज में बंधवाकर गले में धारण करने से भी भूत प्रेत व टोने टोटके का भय समाप्त होता है।धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-13. बहुत से भूत प्रेत चटोरे प्रवृति के होते हैं। अपनी इसी प्रवृति के कारण ही उन्हें यह योनि मिली होती है। ऐसे भूत प्रेत को अपने आसपास से दूर करने का सरल तरीका है। सवा गज लाल कपडा, लाल चन्दन एक तोला, खिचड़ी सवा किलो, एक किलो पकौड़े- ये वस्तुएं मिटटी की किसी हांड़ी में रखकर, सात बार पीड़ित के सिर के ऊपर से उतारें। फिर हांडी को रात्रि में किसी चौराहे पर रखवा दें या स्वयं रख आएं।

इसमें एक बात ध्यान देने की है। ऐसा कभी न करें कि हांडी का पीड़ित के ऊपर से उतारकर रख लिया और फिर कभी बाद में चौराहे पर रख रहे हैं। जब आप हांडी को चौराहे पर रखकर आने को तैयार हैं तभी उसे पीड़ित के सर पर से उतारें। उतारने के बाद हांड़ी घर में बिलकुल नहीं रहनी चाहिए। तत्काल उसे लेकर निकल जाना है। जिस दरवाजे से बाहर निकलना हो उस दरवाजे को भी पहले से ही खुला रखें। पीड़ित के ऊपर से हांडी उतारते समय या हांडी घर से बाहर ले जाते समय न तो किसी की टोक लगे और न ही कोई या बच्चा बड़ा आपके सामने आए इसका जरूर ध्यान रखें।14. बुरी आत्माओं का प्रवेश हमारे घर में ना हो, इसके लिए द्वार पर सिंदूर से राम-राम लिखकर 7 बिंदु लगा दें। इससे घर में भूत प्रेतों का प्रवेश नहीं होता है।

15.  जब भूत प्रेत की बाधा बहुत तीव्र हो जाती है तो एक और प्रयोग है। काली सरसों, सर्प की केंचुली, काले बकरे का दायां सींग, नीम के पत्ते, बच, अपामार्ग के पत्ते और गुग्गल का चूर्ण लेकर आएं। प्रेत बाधा से पीड़ित आए, तो जलते कंडे के ऊपर इस चूर्ण को डालकर, उसकी धूनी रोगी को दें। रोगी भूत प्रेत बाधा की पीड़ा से मुक्त हो जाएगा।आपको यह पोस्ट कैसी लगी, अपने विचार लिखिएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प में ऐसे उपयोगी पोस्ट बहुत मिल जाएंगे. छोटा सा ऐप्प है. करीब पांच लाख लोग उसका प्रयोग करके प्रसन्न हैं. आप भी ट्राई करके देखिए. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा.

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अस्वीकरणः यह पोस्ट किसी पुस्तक से ली गई है. हमारा उद्देश्य कोई अंधविश्वास प्रचार नहीं है. ये उपाय भूत-प्रेत से पक्के तौर पर शांति दिलाते हैं हम ऐसा दावा नहीं करते. चिकित्सीय इलाज सबसे जरूरी है. उनके साथ ही अन्य कोई प्रयोग करें तो एक अतिरिक्त सहायता हो जाती है.  धार्मिक अभियान प्रभु शरणम् के बारे में दो शब्दः 

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