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हर तिल कुछ कहता है.

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शरीर के तिलों से जानिए इंसान की किस्मत और स्वभाव शरीर पर दिखने वाले काले हरे भूरे या लाल रंग के धब्बों को तिल कहा जाता है.

तिल को शरीर की सुंदरता को बनाने-बिगाड़ने वाले कोई साधारण धब्बा नहीं समझा जाता बल्कि इनसे मिलते हैं किसी के जीवन के बहुत सारे संकेत.

समुद्रशास्त्र में तिलों के रंगए आकार और शरीर के विभिन्न अंगों पर स्थिति का विस्तृत अध्ययन और विश्लेषण किया गया है. ज्योतिष शास्त्र भी मानता है कि तिल व्यक्ति के भविष्य में घटित होने वाली कुछ घटनाओं का संकेत देने में समर्थ हैं.

कई तिल तो शरीर में जन्मजात होते हैं लेकिन कई तिल ऐसे भी होते हैं जो कि हमारे जीवन काल में उत्पन्न होते हैं और अदृश्य भी हो जाते हैं तथा इनका रंग व आकार भी बदलता रहता है. यह भाग्य में बदलाव का संकेत देते हैं

पुरुष के शरीर पर दाहिनी ओर तिल का होना विशेष रूप से शुभ एवं लाभकारी माना गया है.

महिलाओं के बायीं तरफ वाले तिल शुभ माने जाते हैं.

यदि किसी स्त्री के हृदयस्थल पर तिल हो तो वह सौभाग्यवती होती है.

शहद जैसे भूरे, पन्ना की तरह हरे एवं लाल रंग के तिलों को काले तिलों की अपेक्षा अधिक शुभ माना जाता हैण् भारतीय और चीनी ज्योतिष में तिलों को जातक के भाग्य के सूचक के रूप में जाना जाता है

किसी भी व्यक्ति के शरीर पर बारह से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता. यदि शरीर पर तिल बारह से कम हों तो वह शुभ फलदायक होता है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.आइए जानते हैं कि शरीर के विभिन्न अंगों पर तिलों क्या होता है प्रभावः-

ललाट पर तिलः

ललाट के मध्य भाग में तिल का होना निर्मल प्रेम की निशानी है.

ललाट के दाहिने तरफ यदि तिल है तो जातक किसी खास विषय में बहुत निपुण होगा.

ललाट के बायीं तरफ तिल हो तो वह व्यक्ति फिजूलखर्च करने वाला होता है.

ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन-संपदा में वृद्धि कराने वाला होता है.

बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है.

भौंहों पर तिलः

यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अक्सर यात्रा में रहता है.

यदि दाहिनी आंख के ऊपर भौहों पर तिल हो तो वह सुखमय होता है.

बायीं भौहों पर तिल हो तो दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता है.

आंख की पुतली पर तिलः

किसी व्यक्ति के दायीं पुतली पर तिल हो तो उस व्यक्ति के विचार उच्च होते हैं.

बायीं पुतली पर तिल वालों के विचार कुछ बुरे हो सकते हैं यदि पुतली पर तिल हो तो व्यक्ति भावुक बहुत होता है.

पलकों पर तिलः

आंख की पलकों पर तिल हो तो जातक बड़ा संवेदनशील होता हैण् दायीं पलक पर तिल वाले व्यक्ति बायीं पलक पर तिल वालों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील होते हैं

आंख पर तिलः

किसी पुरुष की दायीं आंख पर तिल हो तो उसका स्त्री से बड़ा मेलजोल रहेगाण् यदि बायीं आंख पर तिल हो तो उस व्यक्ति का स्त्री से अनबन होने की बड़ी आशंका होती है

कान पर तिलः

कान पर तिल का होना व्यक्ति के अल्पायु यानी कम उम्र होने का संकेत देता है

नाक पर तिलः

नाक पर तिल हो तो व्यक्ति प्रतिभा संपन्न और सुखी होता हैण् महिलाओं की नाक पर तिल उनके सौभाग्यशाली होने का सूचक हैहमारा फेसबुक पेज लाईक करें.होंठ पर तिलः

जिस व्यक्ति के होंठ पर तिल हों तो वह व्यक्ति बहुत प्रेमी हृदय के होते हैं.

यदि तिल होंठ के नीचे हो तो व्यक्ति के पास पैसा नहीं टिकता और किल्लत बनी रहती है

मुंह पर तिलः

मुखमंडल के आसपास का तिल स्त्री तथा पुरुष दोनों के सुखी संपन्न एवं सज्जन होने के सूचक होते हैं.

मुंह पर तिल व्यक्ति को भाग्य का धनी बनाता हैं उसका जीवनसाथी सज्जन होता है.

गाल पर तिलः

गाल पर लाल तिल होना शुभ फल देता हैं.

बाएं गाल पर काले रंग का तिल हो तो उस व्यक्ति के जीवन में धन की कमी रहती है.

यदि दाएं गाल पर हो तो व्यक्ति धनी होता है.

जबड़े पर तिलः

जबड़े पर तिल हो तो स्वास्थ्य की अनुकूलता और प्रतिकूलता निरंतर बनी रहती है

ठुड्डी पर तिलः

जिस स्त्री की ठुड्डी पर तिल होता है तो उस व्यक्ति का स्वभाव रूखा होता है. उसमें लोगों के साथ मेलजोल का भाव बनाए रखने की कला की कमी होती है.

कंधों पर तिलः

दाएं कंधे पर यदि किसी व्यक्ति के तिल हो तो व्यक्ति बहुत दृढ़ होता है.

बाएं कंधे पर यदि तिल हो तो व्यक्ति तुनकमिजाजी होता है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.दाहिनी बांह पर तिलः

यदि दाहिनी बांह पर तिल हो तो जातक बहुत प्रतिष्ठावान व बुद्धिमान होता हैं लोग उसका आदर करते हैं.

बायीं बांह पर तिलः

बायीं भुजा पर तिल हो तो व्यक्ति झगड़ालू होता है. उसका सर्वत्र निरादर होता है. उसकी बुद्धि खराब होती है.

कोहनी पर तिलः

यदि किसी व्यक्ति की कोहनी पर तिल हो तो यह उसके विद्वान होने का सूचक है.

हथेली पर तिलः

जिसकी हथेली पर तिल होते हैं वह व्यक्ति चालाक होता है.

हथेली के गुरु पर्वत या गुरू क्षेत्र में तिल हो तो व्यक्ति सन्मार्गी होता है.

दायीं हथेली पर तिल हो तो व्यक्ति बलवान होता है.

दायीं हथेली के पृष्ठ भाग में तिल हो तो व्यक्ति धनवान होता है.

बायीं हथेली पर तिल हो तो व्यक्ति बहुत खर्चीला हो सकता है.

बायीं हथेली के पृष्ठ भाग पर तिल हो तो ऐसे लोग कंजूस होते हैं.

हाथ की अंगुलियों पर तिल का अर्थः

अंगूठे पर तिलः

किसी व्यक्ति के अंगूठे पर तिल हो तो व्यक्ति कार्यकुशल, व्यवहारकुशल तथा न्यायप्रिय होता है

तर्जनी पर तिलः

जिसकी तर्जनी पर तिल होए वह विद्यावानए गुणवान और धनवान किंतु शत्रुओं से पीड़ित होता है

मध्यमा पर तिलः

मध्यमा उंगली पर तिल उत्तम फलदायी होता है. व्यक्ति सुखी होता है. उसका जीवन शांतिपूर्ण होता है.

अनामिका यानी रिंग फिंगर पर तिलः

जिसकी अनामिका पर तिल हो वह व्यक्ति ज्ञानी यशस्वी धनी और पराक्रमी होता है.

कनिष्ठा यानी छोटी उंगली पर तिलः

कनिष्ठा पर तिल हो तो वह व्यक्ति संपत्तिवान होता है किंतु उसका जीवन दुखमय होता है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.गले पर तिलः

गले पर तिल वाला जातक आरामतलब होता है.

गले पर यदि सामने की ओर तिल हो तो उस जातक के घर मित्रों का जमावड़ा लगा रहता है. उसके मित्र सच्चे होते हैं.

गले के पिछले भाग पर तिल हो तो जातक कर्मठ होता हैं आलस्य से दूर रहता है.

छाती पर तिलः

छाती पर दाहिनी ओर तिल का होना शुभ होता है.

यदि किसी स्त्री के दाहिने वक्षस्थल पर तिल हो तो वह बहुत प्रेमभाव वाली होती है.

यदि किसी पुरुष के दाहिने भाग में भाग्यशाली होते हैं पर उनमें बहुत सुस्ती छाई रहती है.

पुरुष की छाती पर बायीं ओर तिल हो तो उसे पत्नी और ससुराल पक्ष से असहयोग की संभावना बनी रहती हैं.

छाती के मध्य में तिल होना सुखी जीवन का संकेत हैं यदि किसी स्त्री के हृदयक्षेत्र पर तिल हो तो वह सौभाग्यवती होती है

कमर पर तिलः

यदि किसी व्यक्ति की कमर पर तिल है तो उस व्यक्ति की जिंदगी सदा परेशानियों से घिरी रहती हैहमारा फेसबुक पेज लाईक करें.पीठ पर तिलः

पीठ पर तिल हो तो जातक भौतिकवादी, महत्वाकांक्षी एवं रोमांटिक हो सकता है. वह भ्रमणशील भी हो सकता है. उसका जीवन मस्ती में बीतता है.

ऐसे लोग धनोपार्जन भी खूब करते हैं और खर्च भी खुलकर करते हैं. वायु तत्व प्रधान होने के कारण इनके पास पैसा टिकता नहीं है परंतु उन्हें किसी चीज की बहुत परवाह कभी नहीं होती.

उनके जीवन के अंदाज से अन्य लोगों में ईर्ष्या हो सकती है. वे उन्मुक्त पक्षियों जैसे होते हैं.

पेट पर तिलः

पेट पर तिल हो तो व्यक्ति खाने-पीने का बड़ा शौकीन होता है. ऐसा व्यक्ति भोजन का शौकीन व मिष्ठान्न प्रेमी होता है पर उसे दूसरों को खिलाने की इच्छा कम रहती है. स्वभाव में कंजूसी आ जाती है.

घुटनों पर तिलः

यदि किसी जातक के दाहिने घुटने पर तिल हो तो उस जातक का गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है. पति-पत्नी के बीच सामंजस्य का भाव रहता है.

बायें घुटने पर तिल हो तो उसका दांपत्य जीवन दुखमय होता है. छोटी-छोटी बात पर भी झगड़े हो सकते हैं और मामूली बात विवाद का रूप ले लेती है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.पैरों पर तिलः

पैरों पर तिल हो तो जीवन में भटकाव रहता हैं ऐसा व्यक्ति यात्राओं का शौकीन होता हैं.

दाएं पैर पर तिलः

दाएं पैर पर तिल हो तो व्यक्ति की यात्राएं किसी उद्देश्य के लिए होती हैं. वह बिना वजह भटकने की प्रवृति वाला नहीं होता.

और बाएं पर हो तो व्यक्ति बेवजह भटकता होता है.

मस्तक या ललाट के दायीं ओर तिल व्यक्ति को ऐश्वर्यशाली एवं भाग्यषाली बनाते हैं जबकि बायीं ओर तिल साधारण फल ही देते हैं लेकिन स्त्रियों में बायीं ओर का चिह्न शुभ फल देता है

कनपटी पर तिलः

दायीं कनपटी पर तिल शीघ्र विवाह का सूचक होता हैं पुरूष की दायीं कनपटी पर तिल है तो उसे सुन्दर पत्नी मिलती है और अचानक धन लाभ भी होता हैं.

बायीं कनपटी का तिल अचानक विवाह के योग बनाता है साथ ही धनप्राप्ति भी देता है लेकिन वह धन टिकता नहीं जातक के ऊपर ग्रहों का प्रभाव मां के गर्भ में भ्रूण के निर्माण के साथ ही आरम्भ हो जाता है.

कुछ ग्रह भ्रूण पर अधिक प्रभाव डालते हैं तथा कुछ ग्रह कम प्रभाव डालते हैं.

ग्रहों का ये प्रभाव तिलों के निर्माण के रूप में सामने आता है जोकि शरीर की सतह पर दिखाई देते हैं. ज्योतिष के अनुसार तिलों का महत्व उनके आकार के साथ बढ़ता जाता है.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.तिलों में आकार का महत्वः

छोटे तिलः

वह तिल जो कि इतने छोटे होते हैं कि उनको साधारणतया देखा नहीं जा सकताण् ऐसे तिल ज्यादा प्रभाव नहीं डालते हैं

बड़े तिलः तिलों का आकार बड़ा होता है तो ही वे जातक के जीवन को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं

लम्बे तिलः

लम्बे तिल प्रायः अच्छे परिणाम देते हैं

रंग के आधार पर तिलों का महत्वः

हल्के रंग के तिलः

हल्के रंग के तिल प्रायः शुभ होते हैं लाल रंग के तिल या शहद के रंग के या हरे रंग के तिल सामान्यतः भाग्य में शुभता के सूचक होते हैं.

काले तिलः

काले तिल प्रायः अच्छे नहीं माने जाते हैं. ये इच्छित परिणाम के रास्ते में बाधक होते हैं।

(यह पोस्ट प्रचलित ज्योतिषीय मान्यताओं और सामुद्रिक विज्ञान पर आधारित है जिसे कई विशेषज्ञों से चर्चा के बाद तैयार किया गया है. आपको यदि ये पोस्ट पसंद आई तो प्रभु शरणम् एप्प डाउनलोड कर लें. ऐसे उपयोगी पोस्ट का पूरा संसार है. लिंक नीचे है.)

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