धन से सारे सुख आ जाते हैं! मछुआरे ने सेठ को दिया सुख का सबकः एक उपयोगी कथा
धन आवश्यक है लेकिन संसार में धन ही सबकुछ नहीं है. धन के बिना हम बहुत से सुखों से बेशक वंचित रह जाते हैं लेकिन ऐसा न समझें कि धन से सारे सुख आ ही जाते हैं.
प्रकृति का नियम है जो जितनी सुविधा का कारण बनता है वह उतनी असुविधा का भी कारण भी बनता है. इसलिए संतुलन जरूरी है. सबसे बड़ा सुख है आत्मसंतोष.
एक मछुआरे ने जरूरत भर मछलियां पकड़ी और तालाब के किनारे आराम करने लगा.
तभी वहां से एक अमीर आदमी गुज़रा. उसने मछुआरे को आराम से बैठे देखकर सोचा कि क्यों न इसे समय का उपयोग समझाया जाए.
उसने मछुआरे से कहा-अभी दिन आधा भी नहीं बिता और तुम आराम से बैठ चुके हो. इस तरह समय व्यर्थ क्यों कर रहे हो.
मछुआरे ने कहा कि वह आज के काम लायक मछलियां पकड़ चुका है इसलिए आराम से बैठा है.
अमीर आदमी ने कहा- अगर तुम्हारा आज का काम इतनी जल्द निपट गया तो क्या हुआ, फिर भी मछलियां पकड़ो.
मछुआरे ने पूछा जब जरूरत ही नहीं तो क्यों पकड़ूं? अमीर ने कहा-
रोज जरूरत से ज्यादा मछलियां पकड़ो. उन्हें बेचकर एक बड़ी सी नाव खरीदो.
मछुआरे ने पूछा कि उस नाव का क्या करूंगा. अमीर आदमी झुंझलाया- उसने कहा तालाब छोड़कर नदी और समुद्र में उतरो. ज्यादा मछलियां पकड़ो और पैसे कमाओ.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[fblike]
मछुआरे ने पूछा कि उसके बाद क्या करूँगा? अमीर ने समझाया, एक के बाद एक कई बड़ी नाव खरीदना. फिर खूब पैसे कमाना.
मछुआरे ने फिर वही सवाल किया- उसके बाद मैं क्या करूँगा?
अमीर ने समझया- तुम मेरी तरह एक बहुत अमीर आदमी बन जाओगे. मछुआरे ने पूछा अमीर हो जाने से क्या होगा?
अमीर ने कहा- फिर तुम अपनी जिंदगी शांति और आनंद से बिता पाओगे.
मछुआरे ने कहा- वह तो मैं अभी भी बिता रहा हूं. शांति, सुकून आनंद सब है. अमीर बोला- धन आने के बाद वाली खुशी तो नहीं है.
मछुआरे ने कुछ सोचा फिर पूछा- आप कहां जा रहे थे? अमीर ने कहा- मैं वैद्य के पास जा रहा था. मधुमेह, रक्तचाप और हृद्य की बीमारी हो गई है.
मछुआरे ने पूछा- आपको यह सब बीमारी बचपन से थी. सेठ ने इतराते हुए कहा- नहीं, मैं पहले बहुत तगड़ा आदमी था.
खूब मेहनत करता था. काम के सिलसिले में मीलों पैदल चलता . बीमारी क्या होती है मुझे पता भी नहीं था.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[fblike]
मछुआरे ने पूछा- अच्छा फिर अब क्यों? सेठ ने अपना दुखड़ा सुनाया- काम बढ़ने से अब चलना-फिरना नहीं हो पाता. व्यापार के नफा-नुकसान का हिसाब रखने की सुध में खाने की सुध नहीं रहती.
काम बढ़ने से चिंता बहुत बढ़ गई और रक्तचाप ने धेर लिया. रक्तचाप के कारण हृदय कमजोर हो गया है.
आपके बच्चे आपकी दवाई नहीं लाते? अमीर इतराया- पैसे कमाना इतना आसान नहीं. पूरे परिवार को व्यापार में लगा रखा है मैंने. वे ज्यादातर बाहर ही रहते हैं.
मछुआरे ने मछली की बाल्टी उठाई और कहा- सेठजी मुझे और मछलियां पकड़ने की जरूरत नहीं. धन कम है मगर सुकून है, आडे वक्त में परिवार है.
मुझे लगता है कि आपको मछलियों का मोह छोड़ने की ज्यादा जरूरत है. मैं आपसे ज्यादा सुखी हूं.
धन जीवन में सुविधाएं ला सकता है लेकिन खुशियों का गारंटी वाला पैमाना धन नहीं हो सकता. जो धनी हैं उनके ऐश्वर्य तो दिखाई पड़ते हैं, लेकिन कभी उनकी परेशानियां जानें तो शायद मोह कम हो जाए.