आपतकाल में प्राणरक्षा के लिए निर्बल और बलवान की मैत्री को अस्थाई ही मानना चाहिएः मैत्री के संबंध में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को दिया नीति ज्ञान
अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए डाउनलोड…
