शिवजी ने पार्वतीजी को उनके पूर्वजन्म का स्मरण कराने के लिए तीज की कथा सुनाई थी
शिवजी ने पार्वतीजी को उनके पूर्वजन्म का स्मरण कराने के लिए तीज की कथा सुनाई थी.शिवजी कहते हैं-हे पार्वती तुमने हिमालय पर मुझे वर के रूप में पाने…
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और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे… गिरिराज हिमवान और मेना ने सताइस वर्षों तक मां भगवती की उपासना की.…
और पढ़ेंएक दिन ऋषियों ने सूतजी से पूछा कि, कुमार कार्तिकेय का जन्म देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति का पद संभालने और तारकासुर को मारने के निमित्त हुआ…
और पढ़ेंश्रीदत्त इस बार बुरा फंस था. उस बचने की कोई सूरत नजर नहीं आ रही थी. अब उसके पास न तो विषनाशक अंगूठी थी न, मृगांक तलवार. बंधन…
और पढ़ेंराजा सहस्रणीक और मृगावती के मिलन में अब बस एक रात की देरी थी. इस बैचैनी की रात राजा ने अपने नौकर से मनोरंजक कहानी सुनकर काटने की…
और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे, यज्ञ में वीरभद्र के प्रहार से क्षत-विक्षत अंगों वाले देवता ब्रह्मलोक में आकर…
और पढ़ेंकुबेर को अपनी संपत्ति और ऐश्वर्य पर अहंकार हो गया था. वह अक्सर इसका दिखावा करते रहते थे. देवों पर धौंस जमाते थे. मौके-बेमौके ऐश्वर्य की डींगे हांकते…
और पढ़ेंपिछली कथा से आगे... अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा…
और पढ़ेंअब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके…
और पढ़ेंतीसरा भाग… पिछली कथा से आगे कानभूति के कहने पर वररुचि ने अपने बारे में बताना शुरू किया. वररुचि ने बताया- मैं कौशांबी नगर में रहने वाले ब्राह्मण…
और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे, सती गंधमार्दन पर्वत के ऊपर से सभी देवताओं को अपने-अपने विमान सजाकर जाते…
और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे, पृथ्वी के सभी महात्माओं ने मिलकर प्रयाग में एक बार बहुत विशाल यज्ञ…
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और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे, एक बार नंदी पर सवार होकर शिवजी, सतीजी के साथ पृथ्वी पर भ्रमण…
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और पढ़ेंशिवपुराण की कथा ब्रह्माजी अपने पुत्र नारद को सुना रहे हैं. पिछली कथा से आगे, इसके बाद मैं सरस्वती को साथ लेकर दक्ष के पास गया औऱ बताया…
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