Advertisement728 × 90

श्रीकृष्ण ने किसे कहा- सब वेदों का सार.

श्रीकृष्ण ने किसे कहा- सब वेदों का सार.

Krishna-Radha-beautiful-HD-wallpaper

प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से save कर लें। फिर SEND लिखकर हमें उस नंबर पर whatsapp कर दें.

जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना whatsapp से मिलने लगेगी। इस लाइऩ के नीचे फेसबुकपेज का लिंक है. इसे लाइक कर लें ताकि आपको पोस्ट मिलती रहे.भक्ति कथाएं भक्तों द्वारा रची जाती हैं जब वे अपने आराध्य के ध्यान में विभोर हो जाते हैं. उन्हें संसार में सर्वत्र अपने आराध्य ही दिखते हैं. यही तो भक्ति की पवित्रता है.

भक्तिमय कथाओं का मूल्यांकन शब्दों में रचे बसे भक्त के भाव से करना चाहिए, तर्कशक्ति से नहीं. ऐसी ही एक छोटी सा भक्तिप्रसंग है, आनंद लीजिए.

आज कान्हा जी की मुस्कान रोके नहीं रुक रही. अकेले ही महल की छत पर बैठे हुए कृष्ण दूर आकाश में चांद को निहारते जा रहे हैं और मंद मंद मुस्कुराते जा रहे हैं

कान्हाजी बार-बार पीछे मुड़ के देख भी लेते हैं कि कोई उन्हें देख तो नहीं रहा और फिर अनायास ही अपने ख्यालों में खोकर मुस्कुराने लगते हैं और उसी समय अर्जुन वहां पर आ आ गये.

अपने सखा कृष्ण को अकेले में मुस्कुराता देखकर अर्जुन ने उनके आनंद में विघ्न डालना उचित ना समझा और चुपचाप एकांत में खड़े होकर भगवान् के दर्शन करने लगे.

अर्जुन सोचने लगे. आखिर भगवान् को इस चाँद में ऐसा क्या नज़र आ रहा है. जो ये इतना मुस्कुरा रहे हैं और फिर अर्जुन ने गौर से चाँद को ओर देखा तो आश्चर्य चकित रह गए.

चाँद में अर्जुन को साक्षात श्री राधारानी के दर्शन होने लगे. श्रीराधे भी यमुना के किनारे बैठी. यमुना की श्याम वर्ण लहरों में. अपने सांवरे के दर्शन कर रही थी और मुस्कुराती भी जाती थीं और कान्हा जी से बातें भी करती जाती थीं.

देख रहे हो कान्हा जी. आपके सखा अर्जुन. चुप-चाप हमारी बातें सुन रहे हैं.

श्रीराधे यमुना की लहरों में अपना हाथ लहराते हुई बोलीं. “अर्जुन से तो कुछ छुपा नहीं है, राधे!!!

वो तो बस मेरे आनंद में विघ्न उत्पन्न करना नहीं चाहता.

कान्हा जी गोरे चाँद की तरफ निहारते हुए बोले. “अगर ऐसा है. आपको अर्जुन इतने ही प्रिय हैं. तो आपने गीता का ज्ञान देते समय अर्जुन से एक बात छुपा के क्यूं रखी?”

राधे इठलाती हुई बोलीं. “वो इसलिए राधे की उस बात को सुनने के बाद अर्जुन को वहीँ समाधि लग जाती और वो युद्ध आदि कुछ भी नहीं कर पाता.”कृष्ण जी महल की छत के एक किनारे से दूसरे किनारे को जाते हुए बोले- “ठीक है कान्हा जी. अब हम कल बात करेंगे. अर्जुन आपके निकट आ रहे हैं”.

श्रीराधे ने ऐसा कहते हुए. अपना आंचल यमुना के शांत जल में लहराया. जिस से जल में विक्षोभ उत्पन्न हुआ और वहां से कान्हा जी की छवि अदृश्य हो गयी.

उधर कान्हा जी ने चांद के सामने हाथ फेरकर उसे बादलों से ढँक दिया और राधे की छवि वहां से अदृश्य हो गयी.

अर्जुन हिम्मत करके कृष्ण के सम्मुख आए और हाथ जोड़कर बोले- “क्षमा करें प्रभु! लेकिन ऐसी कौन सी बात है. जो आपने गीता के ज्ञान में से मुझे नहीं बताई?

कृष्ण मुस्कुराते हुए बोले- “याद है, अर्जुन? मैंने तुमसे कहा था कि मैं फिर तुमसे उस ज्ञान को कहूँगा जिसको जान लेने के बाद और कुछ जानना शेष नहीं रह जाता.

जिसे जान लेने के बाद मानव का वेदों से उतना ही प्रयोजन रह जाता है जितना सागर मिलने के बाद छोटे तालाब से और इतना कहकर मै चुप रह गया था.हाँ प्रभु. मुझे याद है. आप उस अलौकिक ज्ञान को देते-देते मुझे वेदों का सार बताने वाले थे पर बताते-बताते आप चुप रह गए थे, न जाने क्यों- अर्जुन ने विस्मित होकर कहा.

कृष्ण ने आकाश की और देखा. अब चाँद पूरी तरह छिप चुका था.

फिर अर्जुन के कंधे पर हाथ रखकर बोले- “ मेरे सखा! मेरे भाई! मेरे शिष्य अर्जुन! राधानाम ही सब वेदों का सार है. श्रीराधे की कृपा से ये जान लेने के बाद और कुछ जानने को शेष नहीं रह जाता.

बस राधे ही एक मात्र जानने योग्य हैं. उसके बिना मेरा नाम ही पूरा नहीं फिर मैं और मेरे द्वारा कही गई बातें भी कैसे पूरी होंगी!

राधा नाम जपने मात्र से ही मनुष्य सब वेदों का पार पा लेता है और इस प्रकार गीता के पूर्ण ज्ञान को पाकर अर्जुन समाधि के योग्य हुए.

राधे. सब वेदों का सार!!!. जपे जा राधे राधे.

क्या आपको यह कथा पसंद आई?

ऐसी अनगिनत कथाओं का एक संसार है जहां आप धार्मिक-आध्यात्मिक कथाएं, जीवन को बदलने वाली प्रेरक कथाएं, रामायण-गीता, ज्योतिष और सभी प्रमुख मंत्रों को पढ़ सकते हैं उन मंत्रों के क्या लाभ हैं, उसके बारे में जान सकते हैं.

इस लाइन के नीचे प्रभु शरणम् एप्प का लिंक है. ये एक धार्मिक प्रयास है. एक बार तो इसे देखना ही चाहिए.

पौराणिक कथाएँ, व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र, गीता ज्ञान-अमृत, श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ने के हमारा लोकप्रिय ऐप्प “प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प” डाउनलोड करें.

Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करेंये भी पढ़ें-

क्या श्रीकृष्ण-अर्जुन में भी कभी हुआ था संग्राम?

ब्रज की धूलि बनने तक को देवो में क्यों मची थी मारामारी – अदभुत कथा

लीला तो बस नाम है, करना भक्तों का कल्याण है [श्रीकृष्ण कथा]

error: Content is protected !!