महत्वपूर्ण यह नहीं कि क्या बनना है, महत्वपूर्ण यह है कि उसके लिए क्या-क्या छोड़ना है- संत कबीर की प्रेरक सीख

प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से save कर लें। फिर SEND लिखकर हमें उस नंबर पर whatsapp कर दें।
जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना whatsapp से मिलने लगेगी।
एक बार कबीरदासजी के पास एक जिज्ञासु आया और पूछने लगा- महात्माजी मुझे गृहस्थ बनना चाहिए या संन्यासी? कृपया मुझे राह दिखाएं.
कबीरदास बोले- जो भी बनो आदर्श बनो. जिज्ञासु के पल्ले बात पड़ी नहीं. उसे समझाने के लिए संत कबीर ने दो घटनाएं दिखाईं. दोपहर का समय था. उन्होंने पत्नी को बुलाया और कहा दीपक जलाकर दो, उसके प्रकाश में मुझे अच्छे कपड़े बुनने हैं.
पत्नी ने बिना कोई तर्क किए दीपक जला दिए और चली गईं. कबीरदासजी ने कहा- गृहस्थ बनना तो आपस में पति-पत्नी में ऐसा विश्वास बनाना कि दूसरे की इच्छा ही अपनी इच्छा हो. यह कर सकते हो तो गृहस्थ बनो.
कबीर जिज्ञासु को लेकर एक पहाड़ी पर गए वहां एक बुजुर्ग संत रहते थे. दोनों ने उन्हें प्रणाम किया और बैठ गए. कबीर ने पूछा- बाबा आपकी आयु कितनी है. बाबा ने कहा- 80 साल.
इधर-उधर की चर्चा होने लगी तभी बीच में फिर से कबीर ने पूछा- बाबा आयु बताइए. उन्होंने फिर से कहा 80 साल. थोड़ी-थोड़ी देर में कबीर उनसे उम्र पूछते रहे और वह धैर्य के साथ उत्तर देते रहे.हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.कबीर जिज्ञासु को लेकर पहाड़ी से उतर आए. नीचे आकर जोर की आवाज लगाई, बाबा थोड़ा नीचे आ सकते हैं कुछ पूछना रह गया था. वृद्ध बाबा पहाड़ी से नीचे उतरकर आए.
कबीर ने कहा- आपकी आयु एक बार और पूछनी थी. बाबा ने मुस्कराकर कहा- 80 साल और वापस चले गए. जिज्ञासु तो आश्चर्य में था. वृद्ध को बेवजह पहाड़ी से उतारकर फिजूल का सवाल क्यों?
कबीरदासजी बोले- जिज्ञासु भाई, यदि संत बनना हो तो इसी तरह क्षमाशील और धैर्यवान बनना.
जीवन में यह महत्वपूर्ण नहीं कि हम क्या-क्या बनना चाहते हैं. महत्वपूर्ण यह है कि हम उसके लिए क्या-क्या त्याग करना चाहते हैं.
हम सफल लोगों की सफलता देखकर बातें करते हैं कभी ये नहीं सोचते कि उस सफलता के बीच उन्होंने कई ऐसी चीजें गंवाईं हैं जिसके बारे में कल्पना करके आपके रोएं कांप उठें.
संकलन व संपादनः राजन प्रकाश
अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए डाउनलोड करें प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
ये भी पढ़ें-
आपके हाथ की विवाह रेखाएं बता सकती हैं कि आपका दांपत्य जीवन सुखद सफल होगा या विफल
करियर की बाधाओं का ज्योतिष से निकाल सकते हैं हलः करियर में सफलता के लिए सरल और बिना खर्च वाले उपाय
कहीं आप भी तो नहीं करते वही काम जिससे राजा भोज जैसे विद्वान मूर्खराज कह दिए गए- प्रेरक कथा
प्रभु श्रीराम का सम्मान, धर्मसंकट में सेवक श्री हनुमानः हनुमानजी की भक्ति कथा
हम ऐसी कथाएँ देते रहते हैं. Facebook Page Like करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा: Please Like Prabhu Sharnam Facebook Page