धर्मग्रंथों का ज्ञान सत्य है या भ्रम ?
प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से save कर लें। फिर SEND लिखकर हमें उस नंबर पर whatsapp कर दें. जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना whatsapp से मिलने लगेगी।
एक महात्माजी अपने शिष्यों को रामायण, महाभारत, गीता, वेद-पुराण आदि की नीति कथाएं सुनाते और उन्हें इन ग्रंथों के आचरण को अपने निजी जीवन में शामिल करने का आग्रह करते ताकि उनका भविष्य सुखद हो.
महात्माजी जो संदेश देते उसके अनुसार उनका आचरण भी था. संयमित और अनुशासित जीवन, लोभ-मोह से दूर थे किसी भी सांसारिक वस्तु के प्रति कोई आसक्ति नहीं थी.
उनका नियम था कि प्रवचन के बाद यदि किसी शिष्य में मन में कोई शंका है तो उसका निवारण भी शास्त्रसम्मत तरीके से किया करते थे. एक दिन एक शिष्य प्रवचन के बाद उनके पास आया.
उस दिन महात्माजी ने रामायण के बाल कांड का प्रसंग सुनाया था और आदर्श पुरूष की जीवनचर्या पर प्रवचन किया था. व्यक्ति ने पूछा- गुरूजी क्या रामायण के उपदेश सही हैं, या मनगढ़ंत?हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.गुरूजी मुस्कुराए. वह समझ गए कि यह कोई रटा-रटाया तोता भर है जो प्रवचन को बस जैसे कहा जाता है वैसे सुन लेता है उसका कोई चिंतन-मनन नहीं करता.
महात्माजी बोले- जब रामायण की रचना हुई थी तब मैं नहीं था. जब श्रीराम वन में भटक रहे थे, तब मेरा कोई अस्तित्व नहीं था. मेरा ज्ञान भी अभी उतना पक्का नहीं कि रामायण की प्रासंगिकता पर कोई टिप्पणी कर सकूं.
हां इतना जरूर कह सकता हूं कि रामायण के अध्ययन से मिलने वाली शिक्षा से सुधरकर मैं आज यहां हूं जहां लोग सम्मान दे रहे हैं. चाहो तो तुम भी इसका प्रयोग आरंभ करो और जीवन को सुधारकर परिवर्तन को स्वयं महसूस करो.
धर्मग्रंथों या नीतिग्रंथों की प्रासंगिकता पर प्रश्न उठाने से अच्छा है उसके कुछ गुणों को अपनाकर देखा जाए. विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण के सिद्धांत की बात कहता है.
मनुष्य के जीवन से बड़ी लेबोरेट्री क्या होगी. जो धर्मग्रंथों का माखौल उड़ाने लगें उन्हें आप कम से कम एक ऐसा आदर्श बदलाव जीवन में लाने को कहें जो हमारे आराध्य देवों में थे. जीवन में आए परिवर्तन के साथ ही उनके आंखों पर पड़ी पट्टी उतर जाएगी.
संकलन व संपादनः राजन प्रकाश
अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए डाउनलोड करें प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
ये भी पढ़ें-
करियर की बाधाओं का ज्योतिष से निकाल सकते हैं हलः करियर में सफलता के लिए सरल और बिना खर्च वाले उपाय
कहीं आप भी तो नहीं करते वही काम जिससे राजा भोज जैसे विद्वान मूर्खराज कह दिए गए- प्रेरक कथा
प्रभु श्रीराम का सम्मान, धर्मसंकट में सेवक श्री हनुमानः हनुमानजी की भक्ति कथा
हम ऐसी कथाएँ देते रहते हैं. Facebook Page Like करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा: Please Like Prabhu Sharnam Facebook Page
