April 16, 2026

जीवन के उमंग में उस जीवन को न भूलें जो सुख के बाद आएगा, राजा ने चतुराई से अपना राज्य और जीवन दोनों बचा लियाः प्रेरक कथा

lord_krishna_and_cow-t3
लेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें।
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें

एक राज्य के लोग एक साल के बाद अपना राजा बदल लेते थे. राजा को हटाने के दिन जो भी व्यक्ति सबसे पहले शहर में आता था तो उसे ही नया राजा घोषित कर दिया जाता था.

पहले वाले राजा को सैकड़ों मील में फैले जंगल के बीचोबीच छोड़ आते थे जहां खूंखार जानवर थे. बेचारा अगर खूंखार जानवरो से किसी तरह अपने आप को बचा लेता तो भूख- प्यास से मर जाता.

न जाने कितने ही राजा ऐसे ही एक साल तक राज करने के बाद जंगल में जाकर मर गए. एक बार राज्य में एक नौजवान किसी दूसरे राज्य से आया. वह इस राज्य के नियम से अंजान था.

लोगों ने आगे बढ़कर उसे बधाईयां दीं और बताया कि आपको इस राज्य का नया राजा चुन लिया गया है. नए राजा को बड़े मान-शान के साथ राजमहल में ले जाया गया.

शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.

See also  परमात्मा हमें शेर की तरह समर्थवान बनाना चाहते हैं, लोमड़ी की तरह आश्रित नहीं-प्रेरक कथा
Share: