श्रीमद्भगवद्गीता प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग
।।प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग।। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश दिया है, यह अध्याय उसकी प्रस्तावना…
और पढ़ें।।प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग।। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश दिया है, यह अध्याय उसकी प्रस्तावना…
और पढ़ेंदूसरा अध्यायः सांख्य योग पहले अध्याय में दोनों सेनाओं की स्थिति, महारथियों का परिचय, शंखध्वनि के बाद श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन के रथ को दोनों सेनाओं के बीच खड़ा…
और पढ़ेंतीसरा अध्याय – कर्म योग (कर्म-योग और ज्ञान-योग का भेद) दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने श्लोक 11 से श्लोक 30 तक आत्मतत्त्व समझाकर सांख्ययोग का प्रतिपादन किया।…
और पढ़ेंचौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म-अकर्म और विकर्म का निरुपण) तीसरे अध्याय के श्लोक 4 से 21 तक में भगवान ने कई प्रकार के नियत कर्मों…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता पाँचवा अध्यायः कर्म संन्यास योग श्रीमद्भगवद्गीता पाँचवा अध्याय कर्म संन्यास योग का आरंभः (सांख्य-योग और कर्म-योग के भेद) अर्जुन उवाच संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि ।…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता छठा अध्याय आत्म संयम योग श्रीमद्भगवद्गीता का छठा अध्याय आत्म संयम योग कहलाता है योग में स्थित मनुष्य के लक्षणः श्रीभगवानुवाच अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता सातवां अध्यायः ज्ञान विज्ञान योग श्रीमद्भगवद्गीता का सातवां अध्यायः ज्ञान विज्ञान योग गीता का सातवां अध्याय ज्ञान विज्ञानं योग कहलाता है। (विज्ञान सहित तत्व-ज्ञान) श्रीभगवानुवाचः मय्यासक्तमनाः पार्थ…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता अध्याय आठः अक्षर ब्रह्मं योग श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय आठः अक्षर ब्रह्मं योग श्रीमद्भगवद्गीता के आठवें अध्याय को अक्षर ब्रह्म योग कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान ने…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता नवां अध्यायः राजविद्या राजगुह्य योग श्रीमद्भगवद्गीता नवां अध्यायः राजविद्या गुह्य योग श्रीमद्भगवद्गीता का नवां अध्याय राजविद्या राजगुह्य योग कहलाता है। इस अध्याय में भगवान ने अर्जुन को सृष्टि…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता दसवां अध्याय विभूति योग श्रीमद्भगवद्गीता दसवां अध्यायः अध्याय विभूति योग श्रीमद्भगवद्गीता का दसवां अध्याय विभूति योग कहलाता है। इमें भगवान की ऎश्वर्यपूर्ण योग शक्ति से अर्जुन का…
और पढ़ेंश्रीमद्भगद्गीता ग्यारहवां अध्यायः विश्वरूप दर्शन योग श्रीमद्भगद्गीता ग्यारहवां अध्यायः विश्वरूप दर्शन योग श्रीमद्भगद्गीता का ग्यारहवां अध्याय विश्वरूप दर्शन योग कहलाता है। इसमें अर्जुन द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से विश्वरूप…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता बारहवां अध्यायः भक्ति योग श्रीमद्भगवद्गीता बारहवां अध्यायः भक्ति योग श्रीमद्भगवद्गीता का बारहवां अध्याय भक्ति योग कहलाता है। इसमें साकार और निराकार रूप में भगवान की प्राप्ति कैसे…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता तेरहवां अध्यायः क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग श्रीमद्भगवद्गीता तेरहवां अध्यायः क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योगः श्रीमद्भगवद्गीता का तेरहवां अध्याय क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग कहलाता है। इसमे क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ के विषय पर…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता चौदहवां अध्यायः गुणत्रय विभाग योग श्रीमद्भगवद्गीता चौदहवां अध्यायः गुणत्रय विभाग योग श्रीमद्भगवद्गीता का चौदहवां अध्याय गुणत्रय विभाग योग कहलाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को प्रकृति…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता पंद्रहवां अध्यायः पुरुषोत्तम योग श्रीमद्भगवद्गीता पंद्रहवां अध्यायः पुरुषोत्तम योग श्रीमद्भगवद्गीता का पंद्रहवां अध्याय पुरुषोत्तम योग कहलाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान देते हुए संसार…
और पढ़ेंश्रीमद्भगवद्गीता सोलहवां अध्यायः देव-असुर संपदा विभाग योग श्रीमद्भगवद्गीता सोलहवां अध्यायः देव-असुर संपदा विभाग योग श्रीमद्भगवद्गीता का सोलहवां अध्याय देव-असुर संपदा विभाग योग कहलाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने…
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