March 15, 2026

जब शिव को बनना पड़ा मछुआरा

माता पार्वती ने भगवान शिव से अमरकथा और सृष्टि का आदि रहस्य सुनने की जिज्ञासा प्रकट की। भगवान शिव ने बताया भी, लेकिन वह बीच में ही सो गईं। जबकि तुरंत जन्मे तोते के बच्चे ने वह आदि रहस्य(ब्रह्म ज्ञान) सुन लिया। वह वेदव्यास के बेटे शुकदेव के रुप में जन्मा।
See also  शिवपुराणः वीरभद्र को महादेव का आदेश, यज्ञभंग और दोषियों को दंड, वीरभद्र-श्रीहरि युद्ध
उधर तल्लीन होकर ब्रह्म ज्ञान का उपदेश दे रहे भगवान शिव की नजर नींद में डूबी माता पार्वती पर पड़ी तो वे क्रोधित हो गए। जब माता की निद्रा टूटी तो महादेव ने उलाहना देते हुए कहा, कि तुम आदिशक्ति हो, लेकिन कभी कभी तुम्हारा आचरण अज्ञानी और निम्न श्रेणी से मनुष्यों की तरह हो जाता है। इससे माता पार्वती रुष्ट हो गईं। उन्होंने संकल्प लिया कि अब आपको मुझे प्राप्त करने के लिए मनुष्य रुप धारण करना होगा। ऐसा कहकर जगदंबा अंतर्ध्यान हो गईँ।

क्या आपको पता है इस नवरात्रि पांच लाख से ज्यादा लोग माता की पूजा से संबंधित हर जानकारी, हर कथा के लिए प्रभु शरणम् पर भरोसा जताने वाले हैं. नवरात्रि पर्व को विशेष बनाने की तैयारी की है प्रभु शरणम् ने.आप इसे क्यों गंवा रहे हैं जबकि यह फ्री है. लिंक क्लिक कर आप भी जुड़ें और खास बनाएं इस नवरात्रि को.

मोबाइल में लिंक काम न करे तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU

शेष अगले पेज पर, नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें-