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हम मंदिरों में जाकर भगवान को भजते हैं. हाथ जोड़े भजन गा रहे होते हैं, तभी कोई फोन आ जाए तो शुरू कर देते हैं वहीं दुनियाबी प्रपंच. फिर से लग गए भजन में. आपका बस शरीर था वहां हृदय नहीं. भगवान तो भैया मन में बसते हैं, तन में कहां!

संकलन व प्रबंधन: प्रभु शरणम् मंडली

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