January 28, 2026

नए साल में डालें ईश्वर का आभार करने की यह नई आसान आदतः पूरे परिवार के लिए उपयोगी बात

कराग्रे वसते लक्ष्मीः, करमध्ये सरस्वती ।

करमूले तु गोविंदः, प्रभाते कर दर्शनम् ।।

(हथेलियों के ऊपरी भाग में लक्ष्मी बसती हैं, मध्य में सरस्वती तो मूल में स्वयं गोविंद बसते हैं. इसलिए कर दर्शन के साथ सुबह की शुरुआत करते हैं)

सुबह उठते ही दोनों हथेलियों के दर्शन के साथ यह मंत्र पढ़ें. फिर हथेलियों को अपने चेहरे पर फेरकर प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य का स्मरण ऊं आदित्याय नमः से करें.

बिस्तर से नीचे उतरने से पहले पृथ्वी को आभार करें कि उन्होंने आपका बोझ उठाकर अच्छी नींद दी. वही पृथ्वी हमें प्रसन्नता से भरे दिन का आशीर्वाद दें.

हिंदू धर्म दूसरे धर्मों से इसलिए अलग है क्योंकि इसमें हमें उन सभी चीजों का आभारी रहना सिखाया जाता है जो हमारे जीवन के लिए उपयोगी हैं.

जीवन के लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करना तथा आधार देने के लिए पृथ्वी का आभारी होना जरूरी है.

विनम्रता के इसी पहले पाठ से अपने बच्चों को अच्छा नागरिक बनने को प्रेरित करें.

उद्देश्य संभव है कुछ सुखद बदलाव आपको महसूस हो. नया साल है तो कुछ नया आजमाइए.

नववर्ष के पहले सप्ताह में हम प्रभु शरणम् एप्प को और उपयोगी बनाने के लिए ऐसे मंत्रों, चालीसा आदि का संग्रह डालने वाले हैं, जिससे आपकी नित्य की पूजा आराधना में यह सहायक साबित हो सके.

हम वेदों के कल्याणकारी मंत्रों, पुराणों, उपनिषदों की कहानियों को प्रस्तुत करते रहेंगे.

मित्रों प्रभु शरणम् एप्प हमने सनातन के अद्भुत ज्ञान व रहस्य को संसार के कोने-कोने तक फैलाने के पावन उद्देश्य से किया है.

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ईश्वर सनातन के इस छोटे से दीपक को अखंड बनाए रखने की शक्ति प्रदान करें. प्रभु शरणम् के साथ बने रहने के लिए आभार!

नववर्ष की मंगलकामनाओं के साथ, पुराने वर्ष को साभार विदाई!!

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चित दुखभाग भवेत्।।

संकलन व प्रबंधन: प्रभु शरणम् मंडली

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