January 28, 2026

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंगः गौतम के तप से प्रसन्न हो महादेव ने गंगा के साथ दिया दर्शन, सभी देवताओं ने कहा कुंभ अवधि में गौतमी के तट पर करेंगे वास

Jyotirlingaलेटेस्ट कथाओं के लिए प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करें।google_play_store_icon

पिछले भाग में आपने पढ़ा-गौतम और अहल्या ने तप से वरुणदेव को प्रसन्न करके अक्षय जलकुंड प्राप्त किया. 100 वर्ष के भीषण सूखे के कारण जीवविहीन हो गए ब्रह्मगिरी क्षेत्र में प्राणियों का पुनः निवास शुरू हुआ.

गौतम कुंड के आसपास बहुत से ब्राह्मण और ऋषि आकर बसे. जल को लेकर अहल्या के साथ ब्राह्मणियों ने विवाद किया और अपने पतियों को गौतम के अनिष्ट के लिए उकसाया.

गणेशजी को प्रसन्न करके सबने गौतम को दुखी करने के लिए उन्हें बाध्य किया. गणेशजी दुर्बल गाय बने और गौतम पर उस गाय की हत्या का आरोप लगा. गोहत्या के अपराधबोध से ग्रस्त गौतम दुख में डूब गए. (अब आगे)

ऋषियों द्वारा अपमानित किए जाने से गौतम वहां से चले गए और अन्यत्र कुटिया बनाई. वे ब्राह्मण वहां भी पहुंच गए और गौतम को गोहत्या दोष से मुक्ति मिलने तक वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ-आदि कर्म करने से रोक दिया.

शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.

See also  यदि कार्तिक स्नान में नहीं रखते इन बातों का ध्यान तो व्यर्थ जाएगा स्नान: कार्तिक माहत्म्य छठा अध्याय
Share: