April 30, 2026

जो दिल खोजा आपना, मुझसा बुरा न कोय: अपनी इस भूल से गंवाया मानव ने ब्रह्मा का सुख शांति का वरदान

brahma vishnu mahesh
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ब्रह्माजी ने पूरी सृष्टि की रचना की. उनकी सबसे सुंदर और सक्षम रचना थे, मनुष्य परंतु मनुष्य ही सबसे ज्यादा असंतुष्ट थे. ब्रह्माजी ने एक बार मनुष्य को अपने पास बुलाकर पूछा- आखिर तुम क्या चाहते हो?

मनुष्य ने अपनी इच्छाओं की लंबा पुलिंदा खोला. उसने कहा- परमपिता मैं उन्नति करना चाहता हूं. मैं सुख-शान्ति, सम्मान चाहता हूं और मैं चाहता हूँ कि सब लोग मेरी प्रशंसा करें.

ब्रह्माजी ने मनुष्य के सामने दो थैले रख दिए और कहा- इन थैलों को ले लो. इनमें से एक थैले में तुम्हारे पड़ोसी की बुराइयां भरी हैं. उसे पीठ पर लाद लो. उसे सदा बंद रखना.

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