May 3, 2026

श्रीमद्भगवद्गीता सत्रहवाँ अध्यायः श्रद्धात्रय विभाग योग

सत्रहवाँ अध्यायः श्रद्धात्रय विभाग योग (स्वभाव के अनुसार श्रद्धा) अर्जुन उवाच ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः । तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥ (१) भावार्थ : अर्जुन ने कहा…

श्रीमद्भगवद्गीता अठारहवां अध्यायः मोक्ष संन्यास योग

अठारहवां अध्यायः मोक्ष संन्यास योग त्याग का विषय अर्जुन उवाच सन्न्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्‌ । त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥ भावार्थ :  अर्जुन बोले- हे महाबाहो! हे अन्तर्यामिन्‌! हे वासुदेव! मैं संन्यास…