हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:mbo]
उन्होंने कहा कि मैंने किसी बैल का नहीं, बल्कि असुर का वध किया है. राधाजी बोलीं- आप कुछ भी कहें, लेकिन उस असुर का वेष तो बैल का ही था. इसलिए आप गोहत्या के दोषी हुए. अजीब उलझन फंसी ये तो.
यह सुनकर गोपियां बोली- वृत्रासुर भी तो राक्षस था लेकिन उसकी हत्या करने पर इन्द्र को ब्रह्महत्या का पाप लगा था तो फिर आपको गोहत्या का पाप क्यों नहीं लगेगा?
श्रीकृष्ण मुस्कुराकर बोले- अच्छा तो बताओ कि मैं इस पाप से कैसे मुक्त हो सकता हूं. तब राधाजी ने अपनी सखियों के साथ श्रीकृष्ण से कहा- हमने सुना है कि सभी तीर्थों में स्नान के बाद ही आप इस पाप से मुक्त हो सकते हैं.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.