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राजकुमारी और राजकुमार राजा रानी बन गये. दोनों का आपसी प्रेम इतन प्रगाढ हुआ कि दोनों ने अपने तोता मैना की शादी कर दी. राजा-रानी ने तोता-मैना के ब्याह के बाद उन्हें एक ही बड़े पिंजड़े में रख दिया.
पास रहे तो प्यार बढा पर एक दिन तोता-मैना में तकरार हो गयी. मैना ने कहा- पुरुष बड़ा पापी, धोखेबाज और मक्कार होता है. तोते ने कहा- स्त्री तो स्वभाव से झूठी, लालची और हत्यारी होती है. दोनों का झगड़ा देखते ही देखते ही बढ़ गया.
पिंजरे से अधिकतर मधुर आवाजें ही आती थीं, पर आज तो बड़ी कर्कश और तेज आवाजें निकल रही थीं. राजा ने सुना तो पिंजरे के पास जाकर कहा- क्या बात है, तुम आपस में इस तरह लड़ते क्यों हो?
मैना ने कहा- महाराज, मर्द बड़े बुरे होते हैं. आप भी मर्द हैं. संभवत: मेरी बात का बुरा भी मानें और मेरे इस सत्य पर विश्वास न करें इस लिये मैं आपको एक कथा सुनाती हूं. इसके बाद मैना ने राजा को एक कहानी सुनायी.
महाधन नाम का एक सेठ इलापुर नगर में रहता था. उसका विवाह हुआ पर संतान नहीं,बहुत दिनों के बाद तमाम मनौतियों के पश्चात उसके घर एक लड़का पैदा हुआ. सेठ ने उसके लालन पालन में कोई कोर कसर नहीं उठा रखी थी.
अच्छे लालन-पालन पर भी लड़का बड़ा होकर बुरी संगत में पड़ कर जुआ खेलने लगा. इस बीच अचानक सेठ की मौत हो गई. उधर उसके जुआरी लड़के ने पिता द्वारा इकट्ठा सारा धन जुए में खो दिया.
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