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हनुमानजी ने भगवान के दोनों चरण पकड़ लिए और कहा- प्रभु मुझे तो इन दो पदों की सदैव सेवा का अधिकार चाहिए.

श्रीराम ने बजरंग बली को गले से लगा लिया. सभासदों को समझ में आ गया था कि हनुमान किसी राजपद से ऊपर प्रभु के हृदय पद के अधिकारी हैं.

आपसे दो बातें करनी हैः

प्रभु शरणम् एप्प में अगले कुछ दिनों में वेद-पुराणों की कथाओं के साथ उपयोगी मंत्रों, पूजा विधियों, आरती-चालीसा आदि का विस्तृत संकलन देने की तैयारी चल रही है.

हमारा उद्देश्य है आपके मोबाइल को ऐसे मंत्रों आदि से सुसज्जित कर देना ताकि आपको जब भी अपने इष्टदेव का स्मरण करने की इच्छा हो, मंत्रों के साथ विधिवत ध्यान कर सकें.
ईश्वर की परम सत्ता है. पूजा-पाठ मन को शांति और पवित्रता देते हैं. आपके पूजन आदि में हम अगर थोड़े भी सहायक हो सके तो, हमारा प्रयास सफल रहेगा.

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संकलन व संपादनः प्रभु शरणम्

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