March 20, 2026

दारिद्रय दहन शिव स्तोत्र

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणाय कर्णामृताय शशिशेखर धारणाय कर्पूरकांति धवलाय जटाधराय दारिद्र्य दु:ख दहनाय नम: शिवाय… गौरी प्रियाय रजनीशकलाधराय कालान्तकाय भुजगाधिप कंकणाय गंगाधराय गजराज विमर्दनाय दारिद्र्य दु:ख दहनाय…

महामृत्युंजय मंत्र

।।महामृत्युंजय मंत्र।। त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात॥

शिवजी की आरती

शिवजी की आरती स्तुतिः कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं| सदा वसन्तं ह्रदयाविन्दे भंव भवानी सहितं नमामि ॥   जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा| ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा ॥…

शिव चालीसा

।।श्री शिव चालीसा।।   दोहा जय गणेश गिरिजासुवन मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम देउ अभय वरदान॥   चालीसा जय गिरिजापति दीनदयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके।…

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्   जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक इस द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पाठ करता है, उसे साक्षात द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन के समान ही पुण्यलाभ होता है।    …

शिव सहस्रनामावलि

आदि एवं अंत से रहित, सर्वेश्वर शिव देवाधिदेव हैं। मानव मात्र ही नहीं वरन देव, दानव, पशु-पक्षी, यहाँ तक की ईश्वर भी संकट के समय में शिव की ही शरण…

रूद्र-सूक्तम्

रूद्र-सूक्तम्   जिस प्रकार सभी पापों का नाश करने में ‘पुरूष-सूक्त’ बेमिसाल है उसी प्रकार सभी दुखों एवं शत्रुओं का नाश करने में ‘रूद्र-सूक्त’ बेमिसाल है। ‘रूद्र-सूक्त’ सभी दुखों और…

शिवाष्टकम्

श्री शिवाष्टकम् (आदि शंकराचार्य विरचित) शिवाष्टकम् की रचना आदिगुरू शंकराचार्य ने की थी. आठ पदों में विभक्त यह रचना परब्रह्म शिवजी की पूजा का उत्तम साधन है.     तस्मै…

शिव महिम्न स्तोत्रम्

शिवभक्त गंधर्व पुष्पदंत ने भूल से शिवजी को अर्पित फूलों औऱ बेलपत्रों पर पांव रख दिया तो उसकी दिव्य शक्तियां समाप्त हो गईं. उसे अपनी गलती का बोध हुआ. उसने…