March 21, 2026

श्रीमद्भगवद्गीता चौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग

चौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म-अकर्म और विकर्म का निरुपण) तीसरे अध्याय के श्लोक 4 से 21 तक में भगवान ने कई प्रकार के नियत कर्मों के आचरण…

श्रीमद्भगवद्गीता तीसरा अध्यायः कर्म योग

तीसरा अध्याय – कर्म योग (कर्म-योग और ज्ञान-योग का भेद) दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने श्लोक 11 से श्लोक 30 तक आत्मतत्त्व समझाकर सांख्ययोग का प्रतिपादन किया। बाद में…

श्रीमद्भगवद्गीता- दूसरा अध्यायः सांख्य योग

दूसरा अध्यायः सांख्य योग पहले अध्याय में दोनों सेनाओं की स्थिति, महारथियों का परिचय, शंखध्वनि के बाद श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन के रथ को दोनों सेनाओं के बीच खड़ा करने की…

श्रीमद्भगवद्गीता प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग

।।प्रथम अध्यायः अर्जुन विषाद योग।। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश दिया है, यह अध्याय उसकी प्रस्तावना है। इसमें…