हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:fb]
कभी चक्की पीस दी, कभी कुछ दूसरा काम कर दिया. जब जनाबाई का भावावेश खत्म होता था. तो उन्हें दिखता कि काम तो हो चुका है.
इन्हीं घटनाओं का वर्णन करते हुए मराठी कवियों ने लिखा है- “जनी संग दलिले” यानी करुणामय प्रभु जनाबाई के साथ चक्की पीसते थे.
गीता में भगवान ने इसीलिए कहा हैः-
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जना: पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमंवहाम्यहम
(जो अनन्यभाव से मेरी उपासना करता है, उसके योगक्षेम का निर्वाह मैं स्वयं करता हूं)
भक्त शिरोमणि नामदेव ने विट्ठल के लिए जो अभंग लिखे. उनमें जनाबाई का नाम अमर है. कई जगहों पर जनाबाई को संत नामदेव की छोटी बहिन भी बताया गया है. बात सिर्फ इतनी है कि जनाबाई के प्रेम में भगवान विट्ठल चाकरी तक करते थे. ये अकाट्य सत्य है. संत शिरोमणि के अभंग इसके प्रमाण हैं.
संकलनः पं. अंशुमान आनंद
ऐसी अनगिनत कथाओं का एक संसार है जहां आप धार्मिक-आध्यात्मिक कथाएं, जीवन को बदलने वाली प्रेरक कथाएं, रामायण-गीता, ज्योतिष और सभी प्रमुख मंत्रों को पढ़ सकते हैं उन मंत्रों के क्या लाभ हैं, उसके बारे में जान सकते हैं.
इस लाइन के नीचे प्रभु शरणम् एप्प का लिंक है. ये एक धार्मिक प्रयास है. एक बार तो इसे देखना ही चाहिए.
पौराणिक कथाएँ, व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र, गीता ज्ञान-अमृत, श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ने के हमारा लोकप्रिय ऐप्प “प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प” डाउनलोड करें.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
[sc:fb]
ये भी पढ़ें-
समय से पूर्व पके फल में न तो स्वाद होता है, न स्वास्थ्यः एक प्रेरक कथा