[sc:fb]

वह तो स्वयं आपका द्वारपाल और परमप्रिय सेवक रहा है इसलिए मुझे भी प्रिय है. शापवश वह आपको पहचान नहीं पा रहा किंतु उसे शापमुक्ति दिलाने के लिए उसका वध आवश्यक है. मैं अभी रावण का त्याग कर रही हूं.

इतना कहकर देवी विलुप्त हो गईं. भगवान श्रीराम ने दसवें दिन की पूजा करने के पश्चात देवी की प्रतिमा को जल में प्रवाहित कर दिया था. उसके बाद उन्होंने रावण का वध किया जिसे विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है.

भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा की नवमी को अवतार लिया था. मां शक्ति के आराधना मास में भगवान के अवतार ग्रहण करने के दिन को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है.

संकलन व संपादनः राजन प्रकाश

माता की आराधना की समस्त विधियों, श्रीदुर्गासप्तशती पाठ और उसकी सावधानियों के साथ-साथ माता की पूजा से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी उपयोगी जानकारियों के लिए तत्काल डाउनलोड कर लें- Maa Durga Laxmi Sharnam. लिंक नीचे है-
Android मोबाइल ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें

प्रभु शरणम् की सारी कहानियां Android व iOS मोबाइल एप्प पे पब्लिश होती है। इनस्टॉल करने के लिए लिंक को क्लिक करें:
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें

ये भी पढ़ें-
देवी मां ने शाप के जरिये दिये वरदान-मां की हर बात निराली है

इस विधि से करें तो बस 10 मिनट की पूजा में मिलता है श्रीदुर्गासप्तशती के सम्पूर्ण पाठ का फल

नवरात्रि विशेषः दुर्गासप्तशती के 13 अध्यायों का पाठ नहीं कर पाते तो करें वैकल्पिक पाठ, समान फलदायक है

नवरात्र व्रत के एक दिन का पुण्यफल इतना! नवरात्र व्रत का अद्भुत माहात्म्य.

कन्या पूजन के बिना नवरात्रि की पूजा पूर्ण नहीं है, क्यों कन्यापूजन को सर्वाधिक महत्व दिया गया?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here