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वह फिर वहीं पहुंची तो ध्यान आया कि पता किया जाए कि जिनकी इच्छाएं पूरी की थीं वे लोग कितने खुश हैं.
उन्हें उस इच्छापूर्ति का कितना लाभ उठाया, उनके जीवन में कितना परिवर्तन आया.
पर यह क्या, परी ने जब अपनी शक्तियों से देखा तो वह दुख में भऱ गई.
उसे यह देखकर बड़ी हैरानी हुई कि जिन छह लोगों की इच्छाएं उसने पूरी की थीं, उन सभी की अनेक नई इच्छाएं जन्म ले चुकी थीं.
वह राजा अधिक शक्तिशाली बनने के लिए किसी नए प्रदेश को अपने राज्य में मिलाना चाहता था. इसके लिए वह उपजाऊ भूमि पर खेती करने वाले किसानों पर अतिरिक्त कर लगा रहा था और कड़ाई से वसूल रहा था.
इस कारण किसान राजा से दुखी थे. वे लगातार राजा की की इच्छानुसार कर चुकाने में असमर्थ थे.
उस धनी व्यक्ति के मन में लालसा जागी कि ऐसे सुंदर महल तो उसके हर शहर में होने चाहिए. वह अधिक से अधिक दौलत कमाने के फेर में था.
सही या गलत किसी चीज से उसे परहेज नहीं था. उसे तो बस ऐसे महल चाहिए थे हर शहर में जहां पर सफर में विश्राम कर सके. लूट-खसोट और बेईमानी के चरम पर था वह सेठ.
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yar bhagwan har cheej deta hi aduri hai to list kabhi khtama hi nhi hoti
अति उत्तम कथा भाई आप से क़रज़ोर विनम्र निवेदन हैं की ऐसी कथाएँ हमारे मेल पे भेजने का कस्त करे