[sc:fb]
तुलसी के शाप के कारण गणेशजी का विवाह ऋद्धि-सिद्धि से हुआ. गणेशजी विवाह के लिए शापित थे. अब उनका शरीर भारी था साथ में शीश के स्थान पर हाथी का मस्तक, इसलिए न तो कोई देवकन्या न कोई ऋषिकन्या उनसे विवाह करने को राजी होती.
गणेशजी के सभी मित्रों का विवाह होता जाता था. इससे गणेशजी को ठेस लगी. गणेशजी देवों के विवाह में विघ्न डालने लगे. वह अपने वाहन चूहे को भेज देते.
चूहा देवों के बारात के रास्ते और मंडप के नीचे खुदाई कर देता. इससे मार्ग और मंडप धंस जाता. इस आपा-धापी में विवाह का शुभ मुहूर्त निकल जाता. गणेशजी इतने शक्तिशाली थे कि कोई देवता उनसे शिकायत की हिम्मत भी नहीं रखता था.
देवों ने ब्रह्माजी को परेशानी बताई.ब्रह्माजी हंसने लगे और उन्हें बताया कि यह सब वृंदा के शाप के कारण हो रहा है.
उन्होंने अपने पुत्र विश्वकर्माजी की सहायता ली और ऋद्धि-सिद्धि नामक दो कन्याओं से गणेशजी का विवाह कराया. गणेशजी की यह लीला कथा ब्रह्मवैवर्त पुराण से है.
उनके विवाह की कथा भी बड़ी रोचक है किसी और दिन विस्तार से सुनाउंगा. प्रभु शरणम् एप्प में इसे विस्तार से सुनाया था. आप प्रभु शरणम् एप्प ही क्यों नहीं डाउनलोड कर लेते. वहां ज्यादा सरलता से ऐसी अनगिनत कथाएं पढ़ पाएंगे. एप्प का लिंक नीचे है. क्लिक करके डाउनलोड कर लें.
संकलन व संपादनः राजन प्रकाश
प्रभु शरणम् की सारी कहानियां Android व iOS मोबाइल एप्प पे पब्लिश होती है। इनस्टॉल करने के लिए लिंक को क्लिक करें:
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
हम ऐसी कथाएँ देते रहते हैं. फेसबुक पेज लाइक करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा. https://www.facebook.com/PrabhuSharanam कथा पसंद आने पर हमारे फेसबुक पोस्ट से यह कथा जरुर शेयर करें.
धार्मिक चर्चा में भाग लेने के लिए हमारा फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें. https://www.facebook.com/groups/prabhusharnam
parvu ki lila aaprampaar hai..