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हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए किसी भी मंगलवार या शनिवार के दिन या किसी भी विशेष शुभ मुहूर्त में या किसी भी विपत्ति के समय यहां बताया जा रहा उपाय किया जा सकता है।

ब्रह्म मुहूर्त में उठें और प्रात: काल के सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त हो जाएं, स्नान आदि के बाद पवित्र हो जाएं.

इसके बाद किसी भी हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमानजी के समक्ष धूप- अगरबत्ती, दीपक जलाएं, पुष्प हार, प्रसाद आदि अर्पित करें.

इसके बाद आसन बिछाकर बैठ जाएं और हनुमान चालीसा के 108 पाठ करें। ध्यान रहें हनुमान चालीसा के 108 पाठ लगातार, बिना रुके किए जाने चाहिए. इस साधना में समय अधिक लगता है अत: इस बात का विशेष ध्यान रखें.

यह पूजा शांति पूर्ण ढंग से की जानी चाहिए. किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें.

हनुमान चालीसा के पाठ की संख्या ध्यान रखने के लिए रुद्राक्ष की माला का उपायोग किया जा सकता है.

आप यह पूजा घर पर भी कर सकते हैं. किसी एकांत स्थान पर यह पूजा की जानी चाहिए. इसके लिए साफ-स्वच्छ स्थान का चयन करें.

जो भी भक्त ऐसा नियमित रूप से करता है वह सभी प्रकार के कष्टों और दुखों से मुक्त हो जाता है.

श्रीहनुमानजी की कृपा प्राप्ति के बाद व्यक्ति को भूत-प्रेत आदि का भी कोई भय नहीं रहता है. जीवन में कभी भी किसी भी बुरी नजर का प्रभाव आप पर नहीं पड़ेगा. घर परिवार में भी सभी परेशानियों से निजात मिलेगी.

श्रीहनुमानजी को मनाने और उनकी कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और चमत्कारी उपाय है हनुमान चालीसा का पाठ। हनुमान चालीसा बहुत ही सरल और मन को शांति प्रदान करने वाली है।

जो लोग धन अभाव से ग्रस्त हैं या घर-परिवार में परेशानियां चल रही हैं या ऑफिस में बॉस और सहयोगियों से रिश्ते बिगड़े हुए हैं या समाज में सम्मान नहीं मिल रहा है या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हैं तो इन्हें दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का ये उपाय श्रेष्ठ मार्ग है।

जो लोग मस्तिष्क से संबंधित कार्य में लगे रहते हैं और मानसिक तनाव का सामना करते हैं या जिनका दिमाग अन्य लोगों की अपेक्षा तेज नहीं चलता है तो रोज रात को सोने से पहले हनुमान चालीसा का जप करें। यदि आप पूरी हनुमान चालीसा का जप नहीं कर सकते हैं तो इन पंक्तियों का जप करें…
बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरेहू कलेश विकार।

इस पंक्ति में हनुमान से यही प्रार्थना की गई है कि हे प्रभु मैं खुद को बुद्धि हीन मानकर आपका ध्यान करता हूं। कृपा करें और मुझे शक्ति, बुद्धि, विद्या दीजिए। मेरे सभी कष्ट-क्लेश दूर कीजिए।

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5 COMMENTS

  1. …श्री राम जय राम जय जय राम ..जय सिया राम जी की जय बजरंगबली जी महाराज जी की …

    • आपके शुभ वचनों के लिए हृदय से कोटि-कोटि आभार.
      आप नियमित पोस्ट के लिए कृपया प्रभु शरणम् से जुड़ें. ज्यादा सरलता से पोस्ट प्राप्त होंगे और हर अपडेट आपको मिलता रहेगा. हिंदुओं के लिए बहुत उपयोगी है. आप एक बार देखिए तो सही. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. हमें विश्वास है कि यह आपको इतना पसंद आएगा कि आपके जीवन का अंग बन जाएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प का लिंक? https://goo.gl/tS7auA

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      आप नियमित पोस्ट के लिए कृपया प्रभु शरणम् से जुड़ें. ज्यादा सरलता से पोस्ट प्राप्त होंगे और हर अपडेट आपको मिलता रहेगा. हिंदुओं के लिए बहुत उपयोगी है. आप एक बार देखिए तो सही. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. हमें विश्वास है कि यह आपको इतना पसंद आएगा कि आपके जीवन का अंग बन जाएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प का लिंक? https://goo.gl/tS7auA

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