हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:fb]
कुछ दिन तक तो वह एक बढिया जमाई की तरह सुख भोगता रहा पर कुछ और समय बीतने के बाद एक दिन जब पत्नी गहने पहने सो रही थी, उसने चुपचाप छुरे से उसका गला रेत दिया और उसके गहने लेकर चम्पत हो गया.

मैना बोली- तो देखा महाराज, यह सब मैंने अपनी आँखों से देखा है. ऐसा पापी होता है आदमी! मैना की बात सुनने के बाद राजा ने उसका कोई उत्तर तो नहीं दिया वरन तोते से कहा- क्या इसका कोई उत्तर तुम्हारे पास है, अब तुम बताओ कि स्त्री क्यों बुरी होती है?

मैंना के आक्षेप पर तोता भी तैश में आ गया. तोता बोला स्त्रियों के आचरण के विषय में मैंनो जो कहा है वह भी ऐसे नहीं कहा. मैं भी आपको स्त्री के त्रियाचरित्र की एक कथा सुनाता हूं.

तोते ने राजा को स्त्री की धोखेबाजी की और झूठ की जो कहानी सुनायी उसे हम अगले भाग में सुनायेंगे.

संकलन व संपादनः प्रभु शरणम्

मित्रों भविष्य पुराण से हम किंकर(वेताल) कथाएं सुना रहे हैं और आप उन्हें पसंद कर रहे हैं इसका आभार. आप इन्हें कथा रूप में तो लें ही साथ ही इसमें वेताल के माध्यम से बहुत से संकेत भी हैं.

शिवजी ने विक्रमादित्य के सत्य की सेवा में अपने दूत शिवकिंकर यानी वेताल को भेजा था. वेताल सिंहासन बत्तीसी का प्रहरी था जो कथाओं के माध्यम से तरह-तरह के प्रश्न पूछकर सिंहासन पर बैठे विक्रमादित्य के निर्णयशक्ति की जांच कर रहा था.
हम ऐसी कथाएँ देते रहते हैं. Facebook Page Like करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा: Please Like Prabhu Sharnam Facebook Page

धार्मिक चर्चा करने व भाग लेने के लिए कृपया प्रभु शरणम् Facebook Group Join करिए: Please Join Prabhu Sharnam Facebook Group

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here