धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-
[sc:fb]
भगवान् वक्रतुंड ने मत्सरासुर से कहा- तुझे यदि अपने प्राण प्रिय हैं तो शस्त्र त्यागकर मेरी शरण में आ जा अन्यथा तेरी मृत्यु निश्चित है.
वक्रतुंड ने उस समय अत्यंध क्रोधित रूप धारण कर रखा था. उनके शरीर से निकल रही ज्वाला से असुरों का शरीर जल रहा था. वे भयभीत होकर भाग रहे थे. असुरों में खलबली मची थी.
शुक्राचार्य को महागणपति के वक्रतुंड रूप में अवतार ग्रहण और युद्ध के लिए आतुर होने की सूचना मिली. वह समझ गए कि यदि अभी नहीं रोका गया तो असुरों का कोई नामलेवा न बचेगा. असुर अभी इतने हतोत्साहित हैं कि वे अपनी रक्षा न कर पाएंगें. युद्ध की स्थिति का आंकलन करने शुक्राचार्य स्वयं युद्धस्थल पर आए. वक्रतुंड के शरीर से निकलती प्रलंयकारी लपटों को देखकर देखकर समझ गए कि यदि गणेशजी को तत्काल न रोका गया तो असुर जाति भस्म हो जाएगी.
मत्सरासुर को शिवजी ने सभी जीवों से अभय किया था किंतु महागणपति ने वक्रतुंड रूप में अपने अपने अंदर की ज्वाला को प्रकटकर दिया था. वह अपनी आंतरिक ज्वाला से उसे भस्म करने को तैयार थे. आंतरिक ज्वाला से रक्षा का वरदान तो शिवजी ने दिया नहीं था.
शुक्राचार्य ने मत्सरासुर को सुझाव दिया कि प्राण बचाने हैं तो गणपति की शरण में चले जाओ. मत्सरासुर भय से कांप रहा था. गणपति अपनी ज्वाला से उसकी सारी शक्तियां धीरे-धीरे क्षीण कर रहे थे. उसने गुरू के आदेश को मानने में ही भला समझा और विनयपूर्वक वक्रतुंड की स्तुति करने लगा.
मत्सरासुर ने अनेक प्रकार से भगवान वक्रतुंड की स्तुति की. वक्रतुंड प्रसन्न हुए और मत्सरासुर को अभयदान देकर पाताल में बसने और शांत जीवन बिताने का आदेश दिया.
मत्सरासुर वक्रतुंड के आदेश पर पाताल चला गया. शिवजी समेत सभी देवता बंधनमुक्त हुए. देवताओं ने वक्रतुण्ड की स्तुति की. भगवान शिव ने उन्हें खूब आशीर्वाद और शक्तियां प्रदान कीं. मत्सरासुर बाद में गणेशजी का प्रियगण बन गया.
श्रीगणेश के एकाक्षरी बीज मंत्र “गं” के जप का प्रभाव आपने ऊपर जाना. एक निश्चित संख्या में इस मंत्र के जप का संकल्प लेकर जप करने वाले पर श्रीगणेश की कृपा होती है.
श्रीगणेश भक्त को कम से कम सवा लाख मंत्र का जप का संकल्प लेना चाहिए और दशांश यानी दस प्रतिशत (12,500) का हवन कर देना चाहिए. जिसका मन बहुत भटकता हो उसे इस मंत्र के जप से एकाग्रता बनाने में बहुत सहायता मिलती है.
[irp posts=”7388″ name=”महागणपति की कैसी प्रतिमा या चित्र घर में रखें?”]
ऊं गं गणपत्यै नमः
आपको यह पोस्ट कैसी लगी, अपने विचार लिखिएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प में ऐसे उपयोगी पोस्ट बहुत मिल जाएंगे. छोटा सा ऐप्प है. करीब पांच लाख लोग उसका प्रयोग करके प्रसन्न हैं. आप भी ट्राई करके देखिए. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा.
यदि आप श्रीमहागणेश के समस्त अवतारों, उनकी उपासना की विधि, उपासना के महत्व को जानने की लालसा रखते हैं तो प्रभु शरणम् ऐप्प प्लेस्टोर से अवश्य डाउनलोड कर लें. इसका लिंक नीचे पुनः दिया जा रहा है. लिंक से डाउनलोड न हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें- PRABHU SHARNAM
हिंदू धर्म से जुड़ी शास्त्र आधारित ज्ञान के लिए प्रभु शरणम् से जुड़ें. सर्वश्रेष्ठ हिंदू ऐप्प प्रभु शरणम् फ्री है. तकनीक के प्रयोग से सनातन धर्म के अनमोल ज्ञान को प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से इसे बनाया गया है. आप इसका लाभ लें. स्वयं भी जुड़े और सभी को जुड़ने के लिए प्रेरित करें. धर्म का प्रचार सबसे बड़ा धर्मकार्य है
Android मोबाइल ऐप्प डाउनलोड करने के लिए यहां पर क्लिक करें
प्रभु शरणं के पोस्ट की सूचना WhatsApp से चाहते हैं तो अपने मोबाइल में हमारा नंबर 9871507036 Prabhu Sharnam के नाम से SAVE कर लें। फिर SEND लिखकर हमें उस नंबर पर WhatsApp कर दें. जल्दी ही आपको हर पोस्ट की सूचना WhatsApp से मिलने लगेगी. यदि नंबर सेव नहीं करेंगे तो तकनीकि कारणों से पोस्ट नहीं पहुँच सकेंगे.
[irp posts=”6670″ name=”ऐसे उतारें नजर, नजर दोष से बचाते हैं ये सरल उपाय”]
धार्मिक अभियान प्रभु शरणम् के बारे में दो शब्दः
सनातन धर्म के गूढ़ रहस्य, हिंदूग्रथों की महिमा कथाओं ,उन कथाओं के पीछे के ज्ञान-विज्ञान से हर हिंदू को परिचित कराने के लिए प्रभु शरणम् मिशन कृतसंकल्प है. देव डराते नहीं. धर्म डरने की चीज नहीं हृदय से ग्रहण करने के लिए है. तकनीक से सहारे सनातन धर्म के ज्ञान के देश-विदेश के हर कोने में प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रभु शरणम् मिशन की शुरुआत की गई थी. इससे देश-दुनिया के कई लाख लोग जुड़े और लाभ उठा रहे हैं. आप स्वयं परखकर देखें. आइए साथ-साथ चलें; प्रभु शरणम्!
[irp posts=”6556″ name=”लाल मिर्च के अचूक टोटके, हर लेंगे आपके अनेक संकट”]
इस लाइऩ के नीचे फेसबुक पेज का लिंक है. इसे लाइक कर लें ताकि आपको पोस्ट मिलती रहे. धार्मिक व प्रेरक कथाओं के लिए प्रभु शरणम् के फेसबुक पेज से जु़ड़े, लिंक-
हम ऐसी कहानियां देते रहते हैं. Facebook Page Like करने से ये कहानियां आप तक हमेशा पहुंचती रहेंगी और आपका आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा: Please Like Prabhu Sharnam Facebook Page
धार्मिक चर्चा करने व भाग लेने के लिए कृपया प्रभु शरणम् Facebook Group Join करिए: Please Join Prabhu Sharnam Facebook Group