March 12, 2026

असुरों से अपनी संतान की रक्षा के लिए देवमाता अदिति ने सूर्य को दिया पुत्ररूप में जन्मः आदित्य के जन्म की प्रचलित कथा

surya dev
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कई लोगों ने भगवान सूर्य के आदित्य बनने की कथा सुनाने की पहले कई बार मांग की. रविवार सूर्यदेव का दिवस है. पढ़ें आदित्य अवतार की कथा.

दिति के पुत्र दैत्यों और अदिति के पुत्र देवताओं में घोर शत्रुता थी. दैत्य अपना वर्चस्व सिद्ध करने के लिए हमेशा देवों पर आक्रमण करते थे इसलिए दोनों पक्ष हमेशा युद्धरत रहते थे.

सौतेले भाइयों दैत्यों और देवताओं के बीच एक बार महासंग्राम अनगिनत वर्षों तक चला. इसमें देवताओं को बड़ी क्षति हई. दैत्यों ने देवों को पराजित कर दिया.

वे पराजित होकर जान बचाकर वन-वन भटकने लगे. देवताओं की दुर्दशा देखकर उनके पिता महर्षि कश्यप और माता अदिति दुःखी रहने लगे. देवर्षि नारद घूमते-घूमते कश्यपजी के आश्रम की ओर आ निकले.

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