हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.
[sc:fb]
कृष्णा ने अधिकारपूर्वक गोपाल भैया से कहा कि वो उसे जंगल पार करा दें क्योंकि उसे डर लग रहा है. गोपाल हंसे. उनकी हंसी से पूरा जंगल जैसे किसी अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा.
वह बोले- छोटे भैया, मैं आ गया हूं. तुम्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं. उन्होंने कृष्णा को जंगल पार कराया.
कृष्णा ने कहा- आप मेरे बड़े भैया हैं. छोटे भाई की सहायता को शाम को भी आ जाना बिना पुकारे. आप मुझसे प्रेम करते हो तो जरूर आओगे.
लीलाधारी ने चिरपरिचित मुस्कान बिखेरी. उनके मुस्कुराने से जंगल में मंगल हो गया फिर वह बोले- कृष्णा तुम अपने सारे भय त्याग दो, आज से मैं तुम्हारे साथ हूं. सदैव तुम्हारे साथ हूं.
गूगल ने प्रभु शरणम् को 4.7 की रेटिंग दी है. आज तक ऐसी रेटिंग किसी हिंदू धार्मिक ऐप्प को नहीं मिली है.कुछ तो बात होगी कि गूगल इसे देता है ऐसी शानदार रेटिंग.
Android ऐप्प के लिए यहां क्लिक करें
लिंक काम न करता हो तो प्लेस्टोर में सर्च करें-PRABHU SHARNAM
कृष्णा खुशी-खुशी विद्यालय चला गया. दिनभर पढ़ाई की लौटकर देखा तो जंगल के मुहाने पर गोपाल भैया खड़े थे. उनके साथ बहुत सारी गैया और बछड़े भी थे. बालक कृष्णा अपनी सारी थकान भूल गया और दौड़कर भगवान के पास पहुंच गया.
गोपाल भैया मुरली बजाते हुए उसे जंगल के दूसरे मुहाने तक छोड़ आए. रास्ते में गोपाल भैया ने उसे पीने के लिए गाय का ताजा दूध भी दिया.
उधर दादी दिनभर बेचैन कृष्णा की चिंता कर रही थी. शाम को उन्होंने कृष्णा को आते देखा, तो जान में जान आई. उन्होंने पूछा कि आखिर तुम्हें जंगल में डर तो नहीं लगा कृष्णा?
[irp posts=”6568″ name=”जीवन बदलने वाली है यह श्रीरामलीला”]
कृष्णा ने सारी कहानी बताई. दादी को लगा किसी चरवाहे ने कृष्णा को जंगल पार करा दिया होगा. वह तो सोच भी नहीं सकती थी स्वयं लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण ही प्रकट हो गए थे.
यह रोज का नियम हो गया. कृष्णा को गोपाल भैया विद्यालय से घर और घर से विद्यालय छोड़ा करते थे.
एक बार विद्यालय में गुरुजी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा था.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
Jeevan dhanya ho gaya aapase judakar…
Very good.very nice post.