January 28, 2026

जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है, कीमती उपहार के बदले संतोष चुनने वाला योगी बना राजपुरुष- प्रेरक कथा

shiv shankar
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एक राजा समय-समय पर प्रतियोगिताएं आयोजित करवाता और विजेता को सम्मान सहित पुरस्कार भी देता. प्रजा इससे उत्साहित रहती थी. एक बार राजा ने राजपुरुष के चयन की प्रतियोगिता रखी.

उसने एक वाटिका बनवाई जिसमें हर तरह की वस्तुएं रखी गईं लेकिन उन पर उनका मूल्य नहीं लिखा. राजा ने ऐलान किया कि जो व्यक्ति इनमें से सबसे कीमती वस्तु लेकर वाटिका से बाहर आएगा उसे राजपुरुष घोषित किया जाएगा.

लोग वाटिका में जाते और अपनी समझ से सबसे मूल्यवान वस्तु उठा लाते. कोई हीरे-जवाहरात लाया, कोई पुस्तक उठाकर लाया क्योंकि उसके लिए ज्ञान अधिक मूल्यवान था।

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