March 15, 2026

माया की बिल्ली सेवा से है फूली, धर्म की गाय खूंटे से बंधी असहाय

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एक निःसन्तान सेठ अपने लिए उत्तराधिकारी की तलाश में था. उसने नगर में ढींढोरा पिटवाया कि उसे अपने उत्तराधिकारी की तलाश है. जो लोग इसके लिए इच्छुक हैं वे संपर्क करें.

धनवान सेठ को उत्तराधिकारी की तलाश है! सूचना ही ऐसी थी कि इसकी चाहत रखने वालों की कोई सीमा न रही. भला बैठ-बिठाए इतना धन-दौलत कौन नहीं प्राप्त करना चाहेगा.

अब प्रत्याशी इतने अधिक थे तो उचित व्यक्ति की तलाश एक मुश्किल बात थी.

यदि किसी नालायक के हाथ धन चला गया तो वह इसका नाश कर देगा. इसलिए सेठ ने उत्तराधिकारी चुनने के लिए एक परीक्षा रखने की सोची.

सेठ ने इच्छुक युवकों को बुलाया और प्रत्येक को एक बिल्ली और एक गाय दी.

उसके बाद सेठ ने कहा- एक माह में बिल्ली को इतना दूध पिलाकर तृप्त कर दो क़ि जब मैं एक माह बाद उसके समक्ष दूध रखूं तो वह दूध पीने से ही मना कर दे. उसे दूध से अरुचि हो जाए. जिसकी बिल्ली तृप्त होगी उसे मैं अपना उत्तराधिकारी बनाऊंगा.

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सेठ ने सभी एक महीने बाद आने की हिदायत दी और सबको विदा कर दिया.

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